चूरू। सोशल मीडिया पर सस्ते सामान के आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला चूरू का है, जहां एक फोटो फ्रेम कारोबारी फेसबुक पर दिखे विज्ञापन के झांसे में आकर 17 हजार रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गया।
पीड़ित ने मामले की शिकायत कोतवाली थाना की साइबर सेल में दर्ज करवाई है।
फेसबुक पर देखा था सस्ते सामान का विज्ञापन
जानकारी के अनुसार गेस्ट हाउस के पास रहने वाले 45 वर्षीय कारोबारी की फोटो फ्रेम की दुकान है। उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए फोटो फ्रेम के पीछे लगने वाली शीट खरीदने हेतु फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा।
विज्ञापन में बाजार भाव से काफी कम कीमत पर सामान उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। इसी लालच में आकर उन्होंने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
भरोसा जीतकर करवाया ऑनलाइन भुगतान
साइबर ठगों ने बातचीत के दौरान कारोबारी को अपने विश्वास में ले लिया और सामान भेजने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से ऑनलाइन माध्यम से कई बार भुगतान करवाया गया। कुल मिलाकर आरोपी करीब 17 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवाने में सफल रहे।
जब काफी समय बीतने के बाद भी सामान नहीं पहुंचा और संपर्क भी बंद हो गया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
साइबर सेल प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
“सोशल मीडिया पर कम कीमत में सामान बेचने वाले विज्ञापनों से सावधान रहें। बिना सत्यापन किए किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान न करें।” — सुनील कुमार, साइबर सेल प्रभारी
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
- सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर्स से सतर्क रहें।
- किसी भी अनजान विक्रेता को एडवांस भुगतान न करें।
- सामान खरीदने से पहले विक्रेता की विश्वसनीयता की जांच करें।
- संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।
लगातार बढ़ रहे हैं ऑनलाइन फ्रॉड के मामले
विशेषज्ञों के अनुसार साइबर ठग अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लोगों को फर्जी ऑफर और भारी छूट का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।





