चूरू। बालश्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘उमंग’ के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक 14 वर्षीय बालक को बालश्रम से मुक्त कराया है।
यह कार्रवाई शहर के चुंगी नाका बस स्टैंड के पास स्थित एक ऑटो पार्ट्स एवं सर्विस सेंटर पर की गई।
सुबह से रात तक करवाया जा रहा था काम
जांच के दौरान सामने आया कि स्थानीय निवासी 14 वर्षीय बालक से दुकान पर सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक काम करवाया जा रहा था।
बताया गया कि पूरे महीने की मेहनत के बदले बालक को केवल एक हजार रुपये मजदूरी दी जा रही थी।
टीम ने जुटाए मौके से साक्ष्य
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर वीडियोग्राफी कर बालश्रम से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए। अधिकारियों ने बालक को तत्काल वहां से मुक्त करवाकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की।
“बालश्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
संचालक के खिलाफ मामला दर्ज
बाल संरक्षण टीम की शिकायत पर दुकान संचालक के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट तथा अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एएसआई सुरेश कुमार कर रहे जांच
पुलिस के अनुसार मामले की जांच एएसआई सुरेश कुमार को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बालश्रम के खिलाफ जारी है ‘उमंग’ अभियान
जिले में बालश्रम रोकने और बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘उमंग’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अभियान के तहत आगे भी नियमित निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी।





