दिन भर में दौड़ रहे 200 से अधिक ओवरलोड ट्रॉले

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नीमकाथाना – कोटपुतली हाईवे पर

पाटन, पाटन वाटी में आजकल ओवरलोड डंपर की तादाद बढ़ गई है। जिसमें ओवरलोड माल खुले दिल से दिन भर सडक़ों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं । इन ओवरलोड ट्रकों के अंदर 80 टन तक वजन भर दिया जाता है उससे रोड तक बैठ गई है। ओवरलोड ट्रोले यमराज बनकर सडक़ों पर दौड़ रहे हैं । पर इन पर कोई लगाम लगाने वाला नहीं है शासन से लेकर प्रशासन तक चुप लगाए बैठा है। कभी कभार कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर ली जाती है । लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर 2 से 4 ट्रक वाले पकडक़र महज औपचारिकता निभा ली जाती है ऐसे में आम आदमी त्रस्त है । पाटन वाटी के जीर की चौकी से लेकर रास्ता एक तरफ पूरा ओवरलोड से बैठ चुका है जिस पर हादसे का खतरा छोटे वाहन वाले के लिए बन जाता है । कई लोग साल भर में इस सडक़ पर काल के ग्रास बन चुके हैं । लेकिन अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक के ज्ञापन दिए गए । विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक को विज्ञापनों के द्वारा सूचित किया गया । कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरटीआई लगाई, शिकायतें की, पर ओवरलोड ज्यों का त्यों बना हुआ है । सूत्रों की माने तो अधिकारियों की मिलीभगत इस काम को परवाने चढ़ा रही है ऐसे में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि ट्रक वाले जब सडक़ पर चलते हैं तो उस पर कुछ निशान कर दिया जाता है । ताकि ट्रैफिक अधिकारी उस निशान को देखकर छोड़ देते हैं बाकी अनजान ट्रकों को पकड़ लेते हैं । ऐसे में आम दुकानदार हाईवे की सडक़ों के किनारे दुकानो पर अपने बचाव में मास्क लगाकर बैठे जाते हैं धूल मिट्टी उड़ती है, तो उसे बचा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि इस धूल मिट्टी से कई लोगों को बीमारियां पनप चुकी है सरकार ध्यान नहीं दे रही इन को खुली छूट दे रखी है । ग्रामीणों ने यहां तक बताया कि कई ड्राइवर बच्चे लोग होते हैं जिनके पास लाइसेंस होने का भी संदेश नजर आता है । जब उनको टोका जाता है तो लडऩे के लिए तैयार हो जाते हैं। प्रशासन लापरवाही के लिए सडक़ पर उनको खुली छूट दे देता है जब फ्लाइंग चलती है तो पहले सूचित कर दिया जाता है तो ट्रक वाले बाड़ा बंदी बनाकर कहीं होटल पर खड़े हो जाते हैं । जब अधिकारी साइड में हो जाते हैं तो ट्रक वाले फिर से चलना रोड पर शुरू कर देते हैं । यह 50 किलोमीटर का रोड आम आदमी के लिए काल का ग्रास बना हुआ है ऐसे में छोटे वाहनों का चलना सडक़ पर दूभर हो गया है।

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