ई संजीवनी ओपीडी सेवा से परामर्श हुआ सुलभ – सीएमएचओ डॉ गुर्जर

151

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

घर बैठे ही मिल रहा उचित परामर्श

झुंझुनूं, वैश्विक महामारी कोरोना के चलते आमजन को घर बैठे परामर्श सेवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा ई संजीवनी ओपीडी सेवा शुरू की गई है जिससे अस्पतालों में भीड नियंत्रण कर कोरोना खतरे को कम किया जा सके और आमजन का सुलभता और सरलता से परामर्श सेवा प्राप्त हो सके। सीएमएचओ डाॅ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि प्रदेशभर में ई-संजीवनी ओपीडी सेवा शुरू की गई है जिसमें विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सक प्रातः 8.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक निशुल्क परामर्श सेवा उपलब्ध रहेगी। कोरोना संक्रमण से बचाने और मरीजों को असहजता से बचाने के लिए यह सेवा शुरू की गई है।
यह सुविधा भी है उपलब्ध – सीएमएचओ ने बताया कि ई संजीवनी ओपीडी सेवा का लाभ ऑडियो के साथ वीडियों काॅल पर भी उपलब्ध है। सुविधा का लाभ कम्प्यूटर, लैपटाॅप, टेबलेट के साथ वेब कैमरा, माईक, स्पीकर और इंटरनेट कनेक्शन की सहायता से उठाया जा सकता है। इस सुविधा का लाभ मोबाईल के जरिये भी लिया जा सकता है। रोगी को पंजीयन के बाद जो टोकन नंबर मिलेगा, उसे लाॅगिन करने के बाद डाॅॅक्टर के परामर्श की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि इस दौरान परामर्शदाता डाॅक्टर को विशेषज्ञ सलाह की जरूरत होगी तो टेलीमेडिसन सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है।
जिले के तीन अस्पताल चयनित – सीएमएचओ ने बताया कि ई संजीवनी ओपीडी सेवा में बीडीके जिला अस्पताल सीएचसी चिड़ावा और सेटेलाइट हॉस्पिटल नवलगढ़ को चयनित किया गया है जिसके चिकित्सकों द्वारा ऑनकाॅल परामर्श सेवाऐं दी जा रही हैं।
यहां करें रजिस्ट्रेशन – सीएमएचओ डॉ गुर्जर ने बताया कि बेव पोटर्ल पर जाकर संजीवनी डाॅट इन टाईप करना हैै, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन पर क्लिक किया जायेगा। जहां मरीज को अपनी जानकारी और मोबाईल नंबर एंटर करने होंगे,जहां मोबाईल नंबर पर ओटीपी आयेगा जिसे सेव करना होगा। जिसके बाद बेव पोर्टल पर ही इस संजीवनी बेवसाईट पर मरीज अपने मोबाईल नंबर और पासवर्ड में उसे मिले टोकन नंबर डालकर लाॅगईन करेगा, तत्पश्चात उसे जिस डाॅक्टर से परामर्श लेना है उसकी जानकारी एंटर करनी पडे़गी और लगभग 10-15 मिनट के अन्दर मरीज को परामर्श मिल जायेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को कोई भी कर सकता है और सीधे मरीज को चिकित्सक से परामर्श दिला सकता है।

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More