गत सरकार द्वारा नियमों के विरूद्ध बंद किये विद्यालय फिर से चालू करने के आदेश

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शिक्षा मंत्री डोटासरा के निर्देश पर जारी हुए 978 स्कूलों को फिर से खोले जाने के आदेश

सीकर, शिक्षा, पर्यटन एवं देवस्थान राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा के निर्देश पर प्रदेश में पूर्व सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के विरूद्ध बंद किये गये 978 विद्यालयों को फिर से खोले जाने के शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किये है। डोटासरा ने बताया कि मुख्ययमंत्री अशोक गहलोत की जनघोषणा के अन्तर्गत गत सरकार द्वारा एकीकरण के नाम पर बंद किए गए विद्यालयों को जन हित मे फिर से प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टर और उपखण्ड अधिकारी स्तर पर समिति गठित कर प्रस्ताव मांगे गये हैं। उन्होेंने कहा कि इसी कड़ी में पूर्व व सरकार द्वारा बद किये गये 495 प्रारंभिक और 483 माध्यमिक विद्यालयों को फिर से खोले जाने के आदेश जारी किये गये हैं। डोटासरा ने बताया कि राज्य सरकार ने 483 ऎसे विद्यालय जिनको पूर्व सरकार ने आरटीई नियमो के विरूद्ध माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एकीकृत (मर्ज) किया था, उन्हें तथा 495 ऎसे विद्यालय जिन्हें प्रारम्भिक विद्यालयों में मर्ज किया गया था, उन्हें फिर से प्रारंभ किये जाने के आदेश जारी किये गये है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में गत सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार नियम के विपरीत बहुत सारे विद्यालयों को बंद कर दिया गया था। बंद किए गए विद्यालयों को सत्र, 2020-21 से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 19 हजार 754 विद्यालय भवन खाली पड़े हैं। गत सरकार द्वारा 22 हजार 200 प्राथमिक विद्यालय बंद एवं समन्वित किये गये थे। इन विद्यालयों में शिक्षा के अधिकार नियम के तहत 15 से अधिक विद्यार्थी होने पर अथवा एक किलोमीटर से अधिक दूरी होने के मापदण्ड पूरे करने पर इन्हें नये सत्र में पुनः खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि फिर भी यदि इनके अतिरिक्त नये प्राथमिक विद्यालय खोलने के लिए भवनों की मांग हुई तो सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार बजट उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि समन्वित किया गया स्कूल भवन किसी अन्य प्रयोजन के लिए आवंटित किया गया है तो उसको मुक्त करवाकर विद्यालय उसी भवन में संचालित किया जाएगा।

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