गुढ़ागौड़जी मे एक निजी स्कूल कर रही है बच्चों की जान से खिलवाड़

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परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग की मिली भगत का अभिभावकों ने लगाया आरोप

गुढ़ा गौड़जी (संदीप चौधरी) परिवहन विभाग एवं शिक्षा विभाग सो रहा है कुंभकरण की नींद । जी हा, गुढ़ागौड़जी कस्बे की टैगोर पब्लिक स्कूल बस के वायरल हुए वीडियो को देखने से तो यही लगता है। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि बच्चों को लाने व लेजाने के लिए जिस बस का इस्तमाल किया जा रहा है वह बिल्कुल खटारा हो चुकी है जिसमे बैठने के लिए न तो सीटे है और न ही बस के दरवाजा है। अभिभावकों का आरोप है की बार-बार शिकायत करने पर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभिभावकों द्वारा शिकायत करने पर स्कूल निदेशक पुलिस में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं। जबकि टैगोर स्कूल की बस नंबर 74 में साफ नजर आ रहा है कि बस में गेट नहीं है और सीटें भी नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बस में लगभग 100 से ऊपर बच्चे सफर करते हैं जो गुढ़ागोड़जी से चलकर बड़वासी होते हुए जयसिंहपुरा तक जाती है। ग्रामीणों की शिकायत पर उदयपुरवाटी शिक्षा विभाग से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नाहर सिंह सैनी मौके पर पहुंचे मामले को बढ़ता देख ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने टैगोर स्कूल गुढ़ागोड़जी निदेशक को फोन कर मौके पर बुलाया। क्या प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। क्यों एजुकेशन के नाम पर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऊंची ऊंची बिल्डिंग बना कर अलग अलग यूनिफॉर्म तैयार करके बच्चों के माता-पिता से खूब पैसा वसूला जाता है। और बच्चो की जान को लापर वाही या जान बुझकर लालच में मोत के मुँह में डाला जा रहा है। एक गरीब किसान दिन रात अपने खेत में मेहनत करके बच्चों के लिए फीस जुटाता है। स्कूलों में पहले पढ़ाई के नाम से फीस ली जाती है फिर स्कूल बसों की यात्रा फीस ली जाती है। साथ ही स्कूल में दी जाने वाली सामग्री में मनमर्जी के पैसे वसूले जाते हैं। क्या राज्य सरकार की इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है। यदि लोगो की माने तो इन स्कूल बसों की अगर जांच की जाए तो बसों की इंश्योरेंस, प्रदूषण कार्ड, फिटनेस, परमिट भीनहीं होते है।

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