IIT गुवाहाटी में विकसित की कैंसर दवा पहुंचाने की नई माइक्रोजेल तकनीक
झुंझुनूं जिले के बुडाना गांव निवासी युवा वैज्ञानिक रजत दाधीच ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
रजत दाधीच वर्तमान में Indian Institute of Technology Guwahati के सेंटर फॉर नैनोटेक्नोलॉजी में INSPIRE SRF के रूप में शोध कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने यह शोध प्रोफेसर Biman B. Mandal के मार्गदर्शन में पूरा किया।
कैंसर उपचार के लिए विकसित की नई तकनीक
रजत दाधीच ने अपने शोध में सिल्क आधारित 3D मॉडल तैयार किया, जिसमें ओरल कैंसर कोशिकाओं को विकसित कर विशेष माइक्रोजेल (Microgel) तकनीक का परीक्षण किया गया।
यह तकनीक कैंसर की दवाओं को पूरे शरीर में फैलाने के बजाय सीधे ट्यूमर प्रभावित हिस्से तक नियंत्रित और धीरे-धीरे पहुंचाने पर आधारित है।
शरीर में खुद घुल जाने वाले सूक्ष्म कण तैयार
शोध के दौरान विकसित माइक्रोजेल आधारित सूक्ष्म कण प्राकृतिक जिलेटिन को रासायनिक रूप से परिवर्तित कर तैयार किए गए।
वैज्ञानिकों के अनुसार ये कण कुछ समय बाद शरीर में स्वतः घुल जाते हैं और लंबे समय तक कैंसर प्रभावित हिस्से के आसपास दवा छोड़ते रहते हैं।
इससे उपचार का असर बढ़ने के साथ शरीर पर होने वाले अनावश्यक दुष्प्रभाव भी कम हो सकते हैं।
3D मॉडल में भी प्रभावी साबित हुई तकनीक
रजत दाधीच के शोध की खास बात यह रही कि यह तकनीक कैंसर जैसी जटिल परिस्थितियों की नकल करने वाले उन्नत 3D मॉडल में भी प्रभावी साबित हुई।
शोध में पाया गया कि यह प्रणाली कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने वाले जैविक संकेतों को सक्रिय करने में सक्षम है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध भविष्य में अधिक सुरक्षित, सटीक और स्थानीयकृत कैंसर उपचार की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
VIT से की माइक्रोबायोलॉजी में पढ़ाई
रजत दाधीच ने एमएससी एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई Vellore Institute of Technology से की है।
उनकी इस उपलब्धि से झुंझुनूं जिले में खुशी का माहौल है और युवाओं को विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।





