सूरजगढ़ (झुंझुनूं)। जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सूरजगढ़ थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड के आरोपी रवि कुमावत को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी विकास धींधवाल के सुपरविजन में की गई।
प्लॉट की राशि जमा कराने का बहाना बनाकर लिया मोबाइल
पुलिस के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को सूरजगढ़ निवासी महेन्द्र सैनी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
शिकायत में बताया गया कि आरोपी रवि कुमावत और उसके साथी अंकित ने उसकी बहन के प्लॉट की राशि जमा कराने का बहाना बनाकर मोबाइल फोन और फोनपे से संबंधित जानकारी हासिल कर ली।
आरोप है कि दोनों आरोपियों ने एक दिन तक मोबाइल अपने पास रखा और इस दौरान बैंक खाते एवं डिजिटल भुगतान सुविधाओं का उपयोग किया।
खाते में मिले 5 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन
कुछ समय बाद पीड़ित को अपने बैंक खाते में अनियमित लेन-देन की जानकारी मिली। जांच करने पर खाते में लगभग 5 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए।
साथ ही खाते पर साइबर होल्ड लगा हुआ मिला। पीड़ित ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने कथित रूप से स्वीकार किया कि खाते का उपयोग अन्य लोगों से रकम मंगवाकर आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया था।
साइबर पोर्टल पर शिकायतों का किया गया विश्लेषण
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान:
- परिवादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
- बैंक स्टेटमेंट प्राप्त किए गए।
- साइबर पोर्टल पर खाते के खिलाफ दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया।
- नामजद आरोपी से पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार जांच में आरोपी की भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी 3 दिन के पुलिस रिमांड पर
थानाधिकारी रणजीत सिंह सेवदा के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी रवि को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
“आरोपी द्वारा किन-किन लोगों से बैंक खाते लिए गए और आगे किन व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए, इस संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।” पुलिस सूत्र
साइबर नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा साइबर अपराध के नेटवर्क में कितने व्यक्ति शामिल हैं।
जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।





