150 ग्राम पंचायतों में शुरू होेगा ‘‘मेरी दुनिया मेरे सपने” कार्यक्रम

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पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में

झुंझुनू, समग्र शिक्षा अभियान एवं पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में ‘‘मेरी दुनिया मेरे सपने‘‘ कार्यक्रम का शुभारम्भ सामुदायिक स्वयं सेवको को ऑनलाइन प्रशिक्षण के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उदेश्य आज के विपरीत और प्रतिस्पर्धा युग में विधार्थियों, अभिभावकों और आम जन-मानस के मन और मस्तिष्क को विकसित करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम चरण में चार ब्लॉक (झुंझुनू, अलसीसर, चिड़ावा और सूरजगढ़) के 150 ग्राम पंचायत में कला, कविता, रंगमच और खेल के माध्यम से सामाजिक भावनात्मक गुणों का विकास करना है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से एक सामुदायिक स्वयं सेवक का चयन किया जायेगा जो की पीरामल फाउंडेशन संस्था के साथ मिलकर अपने पंचायत, समुदाय के राजकीय विधालयों के विधार्थियों को छः सप्ताह में 36 घंटे का प्रशिक्षण/शिक्षण देगा। उक्त शिक्षण से बच्चा न केवल अपनी भावनाओ को समझ सकेगा बल्कि भावनाओं के अनुरूप अपने मन और मस्तिष्क को विपरीत कार्य से रोक पायेगा। विद्यार्थियों में ध्यान, एकाग्रता और रचनात्मकता के माध्यम से स्व जागरूकता, पारस्परिक निर्भरता और करुणा के भावो का भी विकास होगा। पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि गजेन्द्र सिंह ने बताया की कार्यक्रम में 150 सामुदायिक स्वयं सेवक अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चो के साथ मिलकर अलग-अलग समूह बनाकर विभिन्न गतिविधियां करवाई जाएगी। संस्थान द्वारा विभिन्न गतिविधियों के लिए अलग-अलग अनुभवी विशेषज्ञों की सहायता से पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। कला के लिए नालंदा-वे फाउंडेशन, कविता और रंगमच के लिए स्लैम आउट लाउड खेल के लिए आर्ट्स आर्टस ऑफ प्ले का सहयोग लिया गया है और इसी तरह स्कूल स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रायोजित है। हमारा शरीर विभिन्न परिस्थितियों में संवेदनात्मक रूप से अलग अलग हार्मोन का स्राव करता है जो की बच्चो और व्यवस्क मनुष्यों में अपने अलग प्रभाव दिखाते है। उदाहरण के रूप में कॉर्टिसाल हार्मोन जो की तनाव और मानसिक व्याकुलता के कारण उत्पन्न होता है और वयस्क मनुष्य में रक्तचाप, हृदय और मधुमय की समस्या को उत्पन करता है यही हार्मोन बच्चो में एग्जीक्यूटिव फंक्शन जो की याददास्त, और आत्म नियंत्रण के लिए सहायक है को प्रभावित करने के साथ और ध्यान अवधि को भी कम करता है। कार्यकारी फंक्शन के साथ परेशानी अन्य चीजों के अलावा, ध्यान केंद्रित करना, निर्देशों का पालन करना और भावनाओं को संभालना कठिन बना सकती है।

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