शेखावाटी के प्रवासी धनकुबेर नहीं भूले अपनी मिट्टी की महक को

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गांव गांव में नजर आ जाते हैं भामाशाहो के कार्य

झुंझुनू, शेखावाटी का क्षेत्र पूरे देश में सैनिकों एवं उद्योगपतियों के लिए जाना जाता है। इसमें खास बात यह है कि जो उद्योगपति हैं कभी व्यापार के लिए अपने मूल निवास स्थान को छोड़कर देश विदेश कौने कौने में चले गए। लेकिन उसके बावजूद भी शेखावाटी की मिट्टी से उनका प्यार और दुलार लगातार बना रहा है। इसी का सबूत है कि शेखावाटी क्षेत्र के हर गांव और शहर में भामाशाहो द्वारा करवाए गए निर्माण कार्यो की झलक सहज ही देखने को मिल ही जाती है। ऐसा ही आज एक उदाहरण हम आपके सामने पेश कर रहे हैं झुंझुनू जिले के इस्लामपुर कस्बे के भामाशाह रतन लाल चौधरी का। जिनको गांव के ही प्रेरक रामनिवास चौधरी ने बालिका विद्यालय में कंप्यूटर लैब की कमियों से अवगत कराया तो उन्होंने बातों ही बातों में एक लाख रु की सहायता देकर बालिकाओं के लिए कंप्यूटर लैब को सुसज्जित करवा दिया। साथ ही डबल बैटरी एवं इनवर्टर के साथ अब बिजली जाने के बाद भी निर्बाध रूप से बालिकाओं की पढ़ाई जारी रहेगी। भामाशाह रतन लाल चौधरी के पुत्र महेंद्र चौधरी ने आज सोमवार को इस्लामपुर कस्बे में स्थित राम कुमार सोमानी बालिका राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कंप्यूटर लैब का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर समाजसेवी महेश सोमानी, स्कूल प्रधानाचार्य बाबूलाल शर्मा, कंप्यूटर पर्यवेक्षक रेखा राम सैनी, राम गोपाल पुरोहित, शिशुपाल सैनी, सीपी शर्मा, मोहन परसरामका, किशोर जांगिड़, सुरेश माखरिया, लक्ष्मीकांत शर्मा आदि की उपस्थिति में विधिवत रूप से मां सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलित कर लैब का फीता काटकर शुभारंभ किया। गौरतलब है कि इस्लामपुर के क्षेत्र में भामाशाह रतन लाल चौधरी के द्वारा अनेकों निर्माण कार्य करोड़ों रुपए लगाकर करवाए जा चुके हैं। साथ ही किसी भी जरूरतमंद की मदद के लिए प्रेरक रामनिवास चौधरी उन तक सहजता से ही बात पहुंचा देते हैं और त्वरित रूप से भामाशाह रतन लाल चौधरी की तरफ से सहायता उसको मुहैया करवा दी जाती है। आपको बता दें कि शेखावाटी ही देश में एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां पर सरकार से ज्यादा सुविधाओं का निर्माण भामाशाह और सेठ साहूकारों ने करवाया है।

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