Rajasthan New Railway Station : राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी अच्छी खबर सामने आ रही है। बता दे की अंतर्राष्ट्रीय मानकों की तर्ज पर विकसित किए जा रहे कोटा जंक्शन और न्यू कोटा (डाकनिया तालाब) रेलवे स्टेशनों से हरित स्टेशनों के रूप में एक नई पहचान बनेगी।
दोनों स्टेशनों को पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां कार्यालयों सहित अधिकांश कार्यों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा।
उनके विकास के बाद, दोनों स्टेशन राज्य के लिए आदर्श स्टेशन बन जाएंगे।
दिल्ली-मुंबई मुख्य लाइन पर कोटा जंक्शन और न्यू कोटा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम तेजी से चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक बता दे की लगभग 207 करोड़ रुपये की लागत से कोटा जंक्शन का निर्माण और लगभग 111 करोड़ रुपये की लागत से न्यू कोटा रेलवे स्टेशन का विकास अंतिम चरण में है।
कोटा जंक्शन देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है, जहाँ से प्रतिदिन 220 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं।
दोनों स्टेशनों पर 700 किलोवाट से अधिक की कुल क्षमता वाले सौर संयंत्र लगाए जाएंगे।
इन सुविधाओं से लेस होंगें नए रेलवे स्टेशन
- सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि करीब 111 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहा न्यू कोटा रेलवे स्टेशन नए कोटा क्षेत्र और विद्यार्थियों के लिए प्रमुख स्टेशन के रूप में उभरेगा।
- इसे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
- स्टेशन भवन में आधुनिक वास्तुकला और पारंपरिक स्थापत्य का समन्वय देखने को मिलेगा।
- स्टेशन को दोनों दिशाओं से आकर्षक स्वरूप दिया गया है।
- सामने की ओर 4,860 वर्गमीटर तथा पीछे की ओर 2,840 वर्गमीटर क्षेत्र में रियर स्टेशन भवन विकसित किया गया है।
- प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए 36 मीटर चौड़ा कॉनकोर्स बनाया जा रहा है।
- यहां आधुनिक लाउंज, 9 लिफ्ट और 9 एस्केलेटर, एग्जीक्यूटिव लाउंज तथा वातानुकूलित वेटिंग हॉल की सुविधा होगी।
- यात्रियों को स्मार्ट डिजिटल डिस्प्ले, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन और हाई-स्पीड वाई-फाई कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी।
- इसके अलावा फूड कोर्ट, कैफे, हाड़ौती संस्कृति को दर्शाते सेल्फी पॉइंट, दिव्यांगजन और दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए स्पर्श पथ, व्हीलचेयर रैंप तथा विशेष रूप से डिजाइन किए गए शौचालयों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।





