पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए सड़क पर बेचा अंडा, मुश्किलों के आगे नहीं मानी हार, कठिन संघर्षकर बने IAS, जानें मनोज की कहानी
UPSC Success Story: यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल बड़े पैमाने पर लोग इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन इस परीक्षा में पास होना इतना आसान नहीं होता। कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो अभाव में भी सपने देखते हैं और कठिन परिश्रम करके इन सपनों को पूरा करते हैं।
आज हम आपको एक ऐसे बच्चों की कहानी बताएंगे जिसने परिवार का खर्च उठाने के लिए सड़क के किनारे एंड और सब्जियां बची। JNU में काम करते समय उनकी मुलाकात उदय कुमार से हुई जो सुपौल के रहने वाले थे। मनोज कुमार जेएनयू में सब्जी सप्लाई करने का काम करते थे ऐसे में उदय ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी के बारे में बताया।
मनोज कुमार राय ने गुरुजनों के सहयोग से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और 2001 में वो पटना यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग से एचडी प्रोफेसर राज बिहारी प्रसाद सिंह से मिले। मनोज ने भूगोल को यूपीएससी का वैकल्पिक विषय चुना और तैयारी शुरू कर दी।
मनोज ने 2005 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन अंग्रेजी में क्वालीफाइंग पेपर वह पास नहीं कर पाए जिसकी वजह से उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। इस बीच उन्होंने गरीब छात्रों को निशुल्क पढ़ाना जारी रखा। इसके लिए नालंदा से पटना की दूरी वह लगातार पैदल जाकर तय करते थे।
2010 में चौथे प्रयास में मनोज कुमार को सफलता मिली और वह IOFS अधिकारी बन गए। उनकी पहली पोस्टिंग नालंदा जिले के राजगढ़ आयुध कारखाने में मिला जहां वह प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में तैनात हो गए। मनोज कुमार अपनी सफलता का श्रेय अपने दोस्तों और गुरु को देते हैं। मनोज कुमार राय के मार्गदर्शन में 45 बच्चों ने BPSC की परीक्षा पास की है।