बेटे को कामयाब बनाने के लिए घर-घर किया झाड़ू पोछा, अब बेटे को वर्दी में देख गर्व से ऊंचा हुआ मां का सर, इमोशनल कर देगी यह कहानी
Jan 18, 2026, 15:34 IST
Success Story: रेगिस्तान की धूल और मजबूरी में पला बढ़ा एक गरीब परिवार का बच्चा अब कामयाब बेटा बन चुका है। बालोतरा जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाली एक महिला ने अपने संकल्प और कड़ी मेहनत से अपने बेटे को कामयाबी तक पहुंचा दिया है। किटनोद गांव की रहने वाली एक महिला अपने बेटे को अब फौजी बना दी है लेकिन उनको अपने बेटे को कामयाबी तक पहुंचाना इतना आसान नहीं था।
इस गांव के एक साधारण परिवार के मुखिया स्वर्गीय भेराराम भील ने अपने बेटे संतोष कुमार के लिए बड़ा सपना देखा था। वह चाहते थे कि उनका बेटा फौज में शामिल हो और देश का सेवा करें लेकिन समय से पहले ही भैराराम की मृत्यु हो गई जिससे परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बहादुर मां ने बनाई अलग पहचान
पति के समय से पहले मौत होने के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी संतोष की मां सज्जानी देवी के ऊपर आ गई। उनके पास ना कोई संपत्ति थी ना ही कोई सहारा और हालात भी बेहद ही कठिन थे। लेकिन सजनी देवी ने हार नहीं मानी और हालातो से लड़ना शुरू किया।
सज्जनी देवी ने ठान लिया कि वह किसी भी हाल में अपने बेटे को कामयाब बनाएगी और इसके लिए उसने घर-घर में झूठे बर्तन धोने साफ किया। बेटे की पढ़ाई में कोई कमी ना हो इसके लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया।
सज्जनी देवी ने कहा कि मैं चाहती हूं मेरा बेटा संतोष फौजी बने और अब संतोष फौजी बन चुका है। संतोष कुमार का चयन सीआरपीएफ में हो गया है। जब यह खबर गांव में पहुंची तो सभी खुश हो गए और मां की आंखों में आंसू था।