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Mukhyamantri Hamari Beti Yojana Rajasthan: राजस्थान में 11वीं, 12वीं में पढ़ने वाली बालिकाओं को मिलेगी 1.5 लाख रुपये, जानें सरकार की नई योजना के बारे में 

इस योजना की नोडल एजेंसी बालिका शिक्षा फाउंडेशन है। योजना के तहत चुनी गई छात्राओं को क्लास 11 और 12 में रेगुलर पढ़ाई या वोकेशनल एजुकेशन/ट्रेनिंग लेने के लिए हर साल अधिक से अधिक 115000 रुपये दिए जाएंगे।
 

Mukhyamantri Hamari Beti Yojana Rajasthan: बता दे कि राजस्थान सरकार लोगों के लिए विभन्न तरह कि योजना चला रही है।  जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लाभ देने का काम किया जाता है।  बता दे कि प्रदेश में ऐसे ही एक योजना बालकियों के लिए चलाई जा रही है।  जो ग्यारवीं और बाहरवीं कक्षाओं में बढ़ती है।  बता दे कि इस योजना के तह बालिकाओं को डेढ़ लाख तक कि सहायता प्रदान कि जा रही है। 



1.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता

जानकारी के मुताबिक बता दे कि राज्य सरकार की एक ऐसी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके तहत 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलती है। इस योजना का नाम है- मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना। हालांकि यह योजना हर एक छात्रा के लिए नहीं है। चलिए आज हम आपको बताएंगे कि मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना क्या है और इसके तहत किन छात्राओं को लाभ मिलता है?



जानिए राजस्थान में मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना
 

राजस्थान में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना' शुरू की है। इस योजना की शुरुआत साल 2015-16 में हुआ था। इसके तहत राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली मेधावी बालिकाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के तहत प्रदेश के हर एक जिले से 4 बालिकाओं का चयन किया जाता है, जो राजकीय विद्यालय में पढ़ रही हों। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले में पहले व दूसरे नंबर पर आने वाली दो छात्राएं, एक बीपीएल श्रेणी की और एक अनाथ बालिका (जिन्होंने कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं) इस योजना के लिए पात्र हैं।


मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना का का लाभ 

बता दे कि अगर सरकार कोई भी योजना लेकर आती है तो उसके पीछे ख़ास मकसद होता है यानि उसके पीछे एक उद्देश्य होता है। 
इस योजना का लाभ कई ऐसी मेधावी छात्रों को मिलने जा रहा है जो आर्थिक तंगी की वजह से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती हैं। चयनित छात्राओं को 11वीं और 12वीं कक्षा में नियमित पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इतना ही नहीं यह सहायता ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर तक मिल सकती है।