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Sikar News: सीकर में एनएच-52 पर 37 हाईटेक ट्रैफिक कैमरे, मार्च से ऑटो चालान

एनएच-52 पर ओवरस्पीड और नियम तोड़ने वालों पर होगी डिजिटल नजर

 

सीकर, जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (NH-52) पर अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर हाईटेक कैमरों की कड़ी नजर रहेगी।

 37 स्थानों पर लगाए जा रहे हाईटेक कैमरे

प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत एनएच-52 को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत सीकर से बीकानेर के बीच कुल 37 स्थानों पर हाईटेक ट्रैफिक कैमरे लगाए गए हैं।

इन कैमरों की मदद से:

  • ओवरस्पीडिंग

  • रेड लाइट जंप

  • गलत लेन व गलत दिशा में वाहन चलाना

  • सीट बेल्ट व अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन

पर स्वतः निगरानी की जाएगी।

 डेढ़ किलोमीटर दूर से भी स्पष्ट कैप्चर

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लगाए गए सीटीजेड कैमरे करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी से भी वाहनों की तस्वीरें स्पष्ट रूप से कैप्चर करने में सक्षम होंगे।

जैसे ही कोई चालक नियम तोड़ेगा, हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के जरिए वाहन की पहचान होगी और बिना ट्रैफिक पुलिस के हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक ई-चालान जारी हो जाएगा।

मोबाइल पर आएगा ई-चालान, ऑनलाइन होगा भुगतान

ई-चालान सीधे वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे लोग घर बैठे डिजिटल माध्यम से चालान का भुगतान कर सकेंगे।
इससे न केवल प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।

 अधिकारियों का बयान

डीटीओ ताराचंद बंजारा ने बताया

“एनएच-52 पर सबसे अधिक 27 कैमरे सीकर जिले में लगाए जा रहे हैं। चूरू में 4 और बीकानेर सीमा क्षेत्र में 6 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं।”

 ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष फोकस

एनएच-52 पर कैमरे खासतौर पर उन जगहों पर लगाए जा रहे हैं जहां:

  • ब्लैक स्पॉट

  • खतरनाक मोड़

  • जलभराव क्षेत्र

  • भीड़भाड़ वाले इलाके

अधिक सड़क हादसों की आशंका रहती है।

 इमरजेंसी कॉल बॉक्स और डिजिटल स्क्रीन भी

योजना के तहत केवल कैमरे ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा के लिए:

  • 18 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स

  • 13 जगहों पर डिजिटल सूचना स्क्रीन

भी लगाए जा रहे हैं, जिनसे जाम, ट्रैफिक दबाव और जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकेंगी।

 अपराध नियंत्रण में भी मददगार

आईटीएमएस सिस्टम केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों के अनुसार कैमरों की फुटेज से:

  • चोरी के वाहन

  • लूटपाट और स्नैचिंग
    जैसी घटनाओं में अपराधियों की पहचान आसान होगी।

इसके लिए हाईवे पर डेंजर पॉइंट्स चिन्हित कर विशेष कैमरे लगाए गए हैं और जिला मुख्यालयों पर दो कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।

मार्च के पहले सप्ताह से होंगे सक्रिय

अधिकारियों ने बताया कि पोल, भूमिगत केबल और अन्य ढांचा तैयार किया जा चुका है। मार्च के पहले सप्ताह से सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय कर दिए जाएंगे।