Archive notice This article was published on 29 February 2024 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

चूरू, पैरा ओलंपिक जेवलिन स्टार, गोल्ड मैडलिस्ट पद्मभूषण देवेन्द्र झाझड़िया ने अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इण्डिया (पीसीआई ) में अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में इस पद के लिए अपना नामांकन प्रस्तुत किया।

जानकारी के अनुसार, 9 मार्च 2024 को पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इण्डिया के विभिन्न सांगठनिक पदों के लिए नई दिल्ली में चुनाव का आयोजन किया जाएगा। विदित है कि भारत में विभिन्न खेलों से संबंधित फेडरेशन का गठन समयबद्ध तरीके से निर्वाचन के माध्यम से किया जाता रहा है। इसी कड़ी में पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इण्डिया की फेडरेशन के लिए विभिन्न पदों हेतु निर्वाचन की घोषणा की जा चुकी है जिसके तहत 9 मार्च 2024 को चुनाव करवाए जाएंगे।

देशके लिए तीन-तीन ओलंपिक मेडल जीतने वाले देवेंद्र एकमात्र खिलाड़ी हैं और उनकी जिंदगी एक बड़े संघर्ष की कहानी है। करंट से हाथ गंवाने की घटना के साथ ही 8 वर्ष की आयु में प्रारम्भ हुआ यह संघर्ष आज एक बड़ी सफलता में बदल चुका है। सफलता की यह कहानी वर्ष 2002 में राष्ट्रीय चौम्पियनशिप से प्रारम्भ होती है, जब देवेन्द्र ने सामान्य खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए जेवलिन थ्रो में प्रथम पदक प्राप्त किया। यह भारत में पैरा स्पोर्ट्स के लिए नींव का पत्थर साबित हुआ। वर्ष 2002 में दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित पैराएशियन खेलों में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक प्राप्त करने के साथ ही अपने अंतरराष्ट्रीय खेल जीवन की शुरुआत की । इसके बाद देवेन्द्र झाझड़िया ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपने सफल खेल जीवन में जो स्वर्णिम मुकाम हासिल किए, उनमें से एथेंस पैराओलम्पिक 2004 में स्वर्ण पदक, 2016 के रियो पैरालम्पिक में स्वर्ण पदक, 2020 के टोक्यो पैरालम्पिक में रजत पदक उनकी विलक्षण खेल प्रतिभा के प्रमाण है। इसी के साथ पद्मश्री , पद्मभूषण, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न प्राप्त करने वाले प्रथम पैरा खिलाड़ी बने।

पहले अक्सर सुनने में आता था कि विभिन्न खेल प्राधिकरण में अध्यक्ष पद पर राजनीतिक व्यक्ति पदासीन रहते थे लेकिन वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा इस ढर्रे में परिवर्तन किया जा रहा है। आज भारतीय ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष पद पर प्रसिद्ध खिलाड़ी व राज्यसभा सांसद पीटी उषा हैं जो खेल प्राधिकरण में खिलाड़ियों की भूमिका के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है।

वर्तमान मोदी सरकार में पिछले 10 वर्षों में खेलों में आमूलचूल व क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। देवेन्द्र झाझड़िया की खेल प्रतिभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी अनेक अवसरों पर प्रशंसित हुई है। मोदी के साथ अनेक अवसरों पर हुई उनकी मुलाकात से भी नजदीकियों को देखा गया है। अब पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इण्डिया में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर देवेन्द्र झाझड़िया ने अपने जीवन की नई पारी की शुरुआत का संकेत दिया है।