Archive notice This article was published on 28 December 2025 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

अरावली बचाने को लेकर बुहाना में विरोध

पर्यावरण बचाओ भारत बचाओ दिवस के अवसर पर बुहाना तहसील कार्यालय के सामने भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की ओर से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान अरावली बचाओ, हिमालय बचाओ, ग्रेट निकोबार बचाओ और हसदेव जंगल बचाओ जैसे नारे लगाए गए।


कार्पोरेट हितों के लिए प्रकृति की बलि का आरोप

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जल, जंगल, जमीन और पहाड़ों को अपने कार्पोरेट मित्रों के हवाले करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि:

अब इसी क्रम में अरावली पर्वतमाला पर भी खतरा मंडरा रहा है।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई चिंता

वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 100 मीटर से कम ऊंचाई को पहाड़ न मानने के निर्णय से


पुनर्विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि केंद्र सरकार को:

अन्यथा राजस्थान की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेगी।


ये रहे प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता

प्रदर्शन में शामिल रहे: