उदयपुरवाटी (झुंझुनूं), 3 जून। अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस के अवसर पर झुंझुनूं जिले के बड़ागांव निवासी और विश्व रिकॉर्डधारी सूबेदार आजाद सिंह शेखावत ने एक बार फिर अपने अनोखे कारनामे से सभी को चौंका दिया। उन्होंने सिर पर करीब 15 लीटर पानी से भरा मटका रखकर 40 किलोमीटर तक साइकिल चलाई और जल संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया।
यह चुनौतीपूर्ण यात्रा उन्होंने केवल 1 घंटा 46 मिनट में पूरी कर संतुलन, धैर्य और एकाग्रता का अद्भुत प्रदर्शन किया।
जल संरक्षण के लिए अनूठी पहल
सूबेदार आजाद सिंह का कहना है कि वर्तमान समय में बढ़ते जल संकट को देखते हुए लोगों को पानी की अहमियत समझाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने अपने इस प्रयास के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि पानी की हर बूंद अनमोल है और इसका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।
“जल ही जीवन का आधार है। मेरा उद्देश्य लोगों को पानी की महत्ता समझाना और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।” सूबेदार आजाद सिंह शेखावत
गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
40 किलोमीटर की प्रेरणादायक यात्रा पूरी करने के बाद जब सूबेदार आजाद सिंह अपने गृह ग्राम बड़ागांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बड़ागांव महाविद्यालय के निदेशक सीएल शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं और गाजे-बाजे के साथ उनका अभिनंदन किया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके जज्बे और सामाजिक संदेश की सराहना की।
जल्द बनाएंगे नया विश्व रिकॉर्ड
सूबेदार आजाद सिंह ने बताया कि वे भविष्य में भी समाज को जागरूक करने वाले अभियानों से जुड़े रहेंगे।
उन्होंने संकेत दिए कि जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े एक और बड़े प्रयास के जरिए जल्द नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी चल रही है।
पहले भी बना चुके हैं कई विश्व रिकॉर्ड
सूबेदार आजाद सिंह शेखावत का नाम पहले से ही कई उल्लेखनीय रिकॉर्ड्स से जुड़ा हुआ है।
उनके प्रमुख रिकॉर्ड:
- सिर पर पानी की बोतल रखकर 103 किलोमीटर साइकिल यात्रा।
- सिर पर फुटबॉल रखकर 45 किलोमीटर पैदल यात्रा।
- सिर पर फुटबॉल रखकर 17.07 सेकंड में 100 मीटर दौड़।
- 4 घंटे 30 मिनट तक पद्मासन में बैठकर सिर पर फुटबॉल संतुलित रखने का रिकॉर्ड।
इन उपलब्धियों ने उन्हें क्षेत्र ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान जैसे जल संकट वाले क्षेत्रों में ऐसे जागरूकता अभियान लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित करते हैं।
सूबेदार आजाद सिंह का यह प्रयास न केवल एक रिकॉर्ड है, बल्कि समाज को पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





