Archive notice This article was published on 02 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

चिड़ावा, मनीष शर्मा झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने अनूठा जागरूकता अभियान शुरू किया।

अभियान के तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को रोककर गुलाब का फूल भेंट किया गया और उन्हें यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।

कबूतर खाना बस स्टैंड पर चला विशेष अभियान

यह विशेष जागरूकता अभियान कबूतर खाना बस स्टैंड क्षेत्र में चलाया गया।

ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चला रहे लोगों को रोककर हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जानकारी दी और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

हेलमेट है जीवन रक्षक

पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को बताया कि हेलमेट केवल कानूनी अनिवार्यता नहीं है, बल्कि दुर्घटना के समय जीवन बचाने वाला महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण भी है।

उन्होंने कहा कि अधिकांश गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें जानलेवा साबित होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है।

ट्रैफिक इंचार्ज ने की नियम पालन की अपील

अभियान के दौरान ट्रैफिक इंचार्ज जयपाल रणवा ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। ऐसे में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं भी नियमों का पालन करे और दूसरों को भी प्रेरित करे।

चालान से ज्यादा जागरूकता पर जोर

ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि केवल चालान काटना ही समाधान नहीं है।

जनजागरूकता के माध्यम से लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी सड़क सुरक्षा का प्रभावी तरीका है। इसी सोच के साथ यह अभियान चलाया गया।

लोगों ने सराही पहल

गुलाब का फूल देकर समझाइश देने की इस सकारात्मक पहल को वाहन चालकों और आमजन ने सराहा।

कई लोगों ने भविष्य में नियमित रूप से हेलमेट पहनने और सभी यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया।

आगे भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को जागरूक करने के लिए भविष्य में भी इस तरह के अभियान चलाए जाते रहेंगे।

पुलिस का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना है।