Archive notice This article was published on 04 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

झुंझुनूं, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि पहचान पोर्टल से जारी डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र, जो सीधे लाभार्थियों के WhatsApp नंबर पर भेजे जाते हैं, पूरी तरह वैध और प्रमाणिक हैं।

नगर परिषद के रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन अरुण जाखड़ ने बताया कि ऐसे प्रमाण पत्रों को अस्पताल, बैंक, स्कूल, सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों द्वारा स्वीकार किया जाना चाहिए।

डिजिटल प्रमाण पत्र का प्रिंट भी रहेगा मान्य

अरुण जाखड़ के अनुसार पहचान पोर्टल से जारी प्रमाण पत्र डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त होते हैं और संबंधित व्यक्ति के WhatsApp नंबर पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

लाभार्थी इन प्रमाण पत्रों का प्रिंट निकालकर किसी भी सरकारी या निजी कार्य में उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए नगर परिषद से अलग से प्रमाणित करवाने की आवश्यकता नहीं है।

“डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र पूरी तरह प्रमाणिक हैं और इन्हें दोबारा सत्यापित कराने की जरूरत नहीं है।” अरुण जाखड़, रजिस्ट्रार

QR कोड से होगी तुरंत जांच

यदि किसी संस्था को प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता पर संदेह हो तो वह प्रमाण पत्र पर मौजूद QR Code को स्कैन करके या पहचान पोर्टल पर जाकर उसकी सत्यता की पुष्टि कर सकती है।

इस व्यवस्था से प्रमाण पत्रों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।

अब नहीं लगाने होंगे नगर परिषद के चक्कर

नगर परिषद के अनुसार पहले नागरिकों को WhatsApp पर डिजिटल प्रति मिलने के बावजूद प्रमाण पत्र को दोबारा प्रमाणित करवाने के लिए कार्यालय आना पड़ता था।

इससे लोगों का समय और श्रम दोनों व्यर्थ होते थे। नई व्यवस्था के तहत अब नागरिक घर बैठे ही प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे और सीधे उपयोग में ले सकेंगे।

तीन दिन में जारी किए जा रहे प्रमाण पत्र

अरुण जाखड़ ने बताया कि नगर परिषद की प्राथमिकता आवेदन प्राप्त होने के दिन ही प्रमाण पत्र जारी करने की रहती है।

इससे जन्म एवं मृत्यु पंजीयन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बन गई है।

नागरिकों को मिलेगा बड़ा लाभ

नई डिजिटल व्यवस्था से: