Archive notice This article was published on 15 August 2020 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

नागौर जिले के खींवसर तहसील के

झुंझुनू, [ अंजनी कुमार स्वामी ] तूफानों से डरकर नौका पार नही होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, जी हाँ, आज हम बात करेगे उस मुकेश की जो 12वी के बाद सीधा बनेगा फ्लाइंग ऑफिसर । नागौर जिले के खींवसर तहसील के छोटे से गांव पांचला मे जन्मे बङे सपने देखने वाले मुकेश की कहानी । बचपन से एक ही जिद एक ही जूनून एनडीए मे चयनित होकर देश कि सेवा करना और देश सेवा का बीज तो भारतीय सेना मे सेवा दे रहे पिताजी मूलारामजी (वर्तमान मे हिसार कैन्ट मे सेवारत) ने बचपन मे ही बो दिया। मुकेश को उसका सपना पूरा करने मे सबसे बङा योगदान किया उस एक फैसले ने जो था मैट्रिक्स हाई स्कूल का चुनाव। जी हाँ वो ही मैट्रिक्स हाई स्कूल जो न केवल बोर्ड परीक्षा अपितु NTSE, KVPY, STSE इत्यादि परीक्षा परिणाम मे भी संपूर्ण शेखावाटी मे सर्वश्रेष्ठ परिणाम देता रहा है। मुकेश ने 12वी कक्षा मे मैट्रिक्स हाई स्कूल से 93{44d7e8a5cbfd7fbf50b2f42071b88e8c5c0364c8b0c9ec50d635256cec1b7b56} के साथ ही JEE मे 93.5 PERCENTILE प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपने सपने को भी पूरा किया। मुकेश के माताजी गृहिणी है और पिताजी हिसार कैन्ट मे सेवारत हैं। मुकेश के पिताजी मूलाराम जी का सीना उस वक्त गर्व से फूल कर और भी चौड़ा हो गया जब पता चला कि उनका बेटा मुकेश उनके नायब रीसालदार के पद से भी ऊँचा पद प्राप्त करेगा।