Archive notice This article was published on 24 July 2020 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

राम मंदिर निर्माण

जयपुर, कई दशकों के लम्बे इंतजार के बाद अयोध्या में 5 अगस्त को प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण शुभारम्भ कार्यक्रम में राजस्थान के बड़े मंदिरों की रज अर्पित की जाएगी। इसके लिए विश्व हिन्दू परिषद ने जयपुर प्रांत के पांच दर्जन मंदिरों की रज एकत्रित की है। एकत्रित की गई रज का शुक्रवार को विहिप कार्यालय भारत माता मंदिर में पूजन—अर्चन किया गया। जिसे अयोध्या भेजी जाएगी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विहिप के केन्द्रीय मंत्री नरपतसिंह शेखावत ने कहा कि कई दशक से भारतीय जनआस्था के प्रतीक प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए संघर्ष चला आ रहा है, अनेकों लोगों ने बलिदान दिया। जब से विहिप ने मंदिर आंदोलन की बागड़ोर संभाली है, उसके बाद सम्पूर्ण समाज संगठित भाव के साथ आंदोलन से जुड़ा और मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। वहीं महामण्डलेश्वर सियारामदास महाराज ने कहा कि रामशिला पूजन के साथ ही समाज ने विहिप के नेतृत्व में संघर्ष किया। अशोक सिंहल जी ने मंदिर आंदोलन को नई दिशा प्रदान की, इससे आज हम अपनी आंखों के सामने मंदिर निर्माण होता देख रहे हैं। विहिप के प्रांत अध्यक्ष प्यारेलाल मीणा ने बताया कि 5 अगस्त से अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष के पवित्र धार्मिक स्थलों की रज कण को श्रीराम मंदिर की नींव में लगाया जाएगा। इस पवित्र रजकण को एकत्रित करने की श्रृंखला में राजस्थान के पवित्र धार्मिक स्थलों से भी रज कण एकत्रित की गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के साथ ही हमें हिन्दू समाज के संगठन हेतु अधिक गति से कार्य करना होगा। विहिप कार्यकर्ताओं ने जयपुर शहर के 10, जयपुर ग्रामीण के 18, सीकर जिले के 3, चूरू जिले के 2, झुंझुनू जिले के 4, अलवर के 5, दौसा जिले का 1, करौली जिले के 6, सवाईमाधापुर के 1 व टोंक 4 प्रमुख मंदिरों समेत भरतपुर, धौलपुर जिलों पांच दर्जन से अधिक मंदिरों की रजकण एकत्रित किए हैं। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ मंदिरों से एकत्रित की गई रज का पूजन किया तथा कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्चन किया। इस दौरान क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय, प्रांत संगठन मंत्री राजाराम समेत दर्जनों कार्यकर्ता दो गज दूरी का पालन करते हुए कार्यक्रम में शामिल हुए।