Archive notice This article was published on 01 January 2024 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

झुंझुनू, पिरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो, ब्यूटी देवी, ने अपने कम्युनिटी इमर्शन (CI) के दौरान अपने प्रयासों से कासिमपुरा के राजकीय खेल मैदान में बच्चों और युवाओं की खिलखिलाहट के साथ खेल प्रतियोगिता का शोर गूंज उठा। ग्राम सरपंच सुमन फोगाट और उप सरपंच बंशी लाल के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता ने कोरोना के बाद घरों में सिमटे युवाओं को एक बार फिर मैदान तक पहुंचाया और हवा में खेल और मस्ती का रंग घोल दिया। प्रतियोगिता को आयोजन कराने के लिए गाँधी फेलो ब्यूटी ने कासिमपुरा के लोगो से फंड रेज़ करके इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

कबड्डी, चौकी दौड़, रस्साकशी और पतंगबाजी से गुलजार हुई प्रतियोगिता में चारों तरफ जोश और हौसला देखने को मिला। स्कूली विद्यार्थियों से लेकर कॉलेज के युवाओं ने अपनी फुर्ती और खेल कौशल का जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का जबरदस्त समर्थन और बच्चों की हर्षध्वनि से पूरा खेल मैदान उत्साह से सराबोर था। कार्यक्रम में 157 बच्चों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता का आगाज उजाला गर्ल्स हॉस्टल और PG की संचालक उजाला चौधरी ने किया। उन्होंने बच्चों को विभिन्न खेलों के नियमों की जानकारी देते हुए उनमें खेल भावना जागृत की। वहीं, मुख्य अतिथि माया भाम्बू, जिन्होंने हाल ही में खेलो इंडिया में दिव्यांग वर्ग में पंरल भार-तोलन से चांदी पदक जीता है, ने अपनी प्रेरणादायक कहानी से युवाओं को जज्बा और मेहनत का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा, “मेरी कमजोरी को मैंने अपनी ताकत बनाया, आप भी खेलों में अपना जुनून जगाएं और देश का नाम रोशन करें।”

प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं का उत्साह देखते बनता था। पतंगबाजी में प्रथम बलवन द्वितीय ऋषि और तृतीय रिया, चौकी दौड़ में प्रथम अनुष्का और नवीन द्वितीय में लकी और पंकज तृतीय में दीक्षा और दुष्यंत, कबड्डी में कॉलेज वर्ग में अंकित की टीम (राहुल, अमन, पंकज, सौरभ, चिंटू, बंशी) और स्कूल वर्ग में प्रीतम की टीम(प्रिंस, नितिन, ऋषि, पंकज, यश, नवदीप), जबकि बालिका वर्ग में ऋतु की टीम(प्रीति लकी पिंकी सुहानी पलक अंतिम) ने बाजी मारी। रस्साकशी में साक्षी, मणिता, दीक्षा और अंकिता की टीम ने जीत का परचम लहराया। गांधी फेलो ब्यूटी देवी ने कार्यक्रम के समापन पर सभी को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह प्रतियोगिता सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि एकजुटता का संदेश भी है। हमें अपने बच्चों को जिंदगी के मैदान में दौड़ने-झूमने का हौसला देना चाहिए।”

कासिमपुरा की खेल प्रतियोगिता ग्रामीण बच्चों और युवाओं के लिए सिर्फ खेलकूद का आयोजन नहीं, बल्कि उनमें जुनून, खेल भावना और एकजुटता का बीज बोने का सफल प्रयास रहा। यह साबित करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं का खजाना छिपा है, जिन्हें सिर्फ मौके की जरूरत है। आशा है कि यह पहल भविष्य में और भी बड़े रूप में आयोजित हो और कासिमपुरा के नाम को खेल जगत में ऊंचा करे।

सामुदायिक विसर्जन / कम्युनिटी इमर्शन (CI) क्या है –
सामुदायिक विसर्जन का मुख्य उद्देश्य होता है समुदाय के लोगों के बेहतर समाज ने और उनके साथ अधिक से अधिक संपर्क बनाए रखने में मदद करना। इसके माध्यम से, व्यक्ति समुदाय के मूल्यों, भावनाओं, और समस्याओं को समाजकार, उनके साथ संवाद और सहयोग करना चाहते हैं। जिस मे फेलो को 3 ट्राह के लेबर वर्क करके पैसे कमाने होते हैं, फंड जुटाने होते हैं, इवेंट्स ऑर्गेनाइज करने होते हैं. या फिर इंसब करियो को करने के लिए अपने समुदाय के किसी परिवार के 21 दिन रहने होते हैं