Archive notice This article was published on 02 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

उदयपुरवाटी (कैलाश बबेरवाल)। झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे का 17 श्रद्धालुओं का जत्था 13 दिन की पवित्र चारधाम यात्रा पूरी कर मंगलवार को अपने गृह नगर लौट आया।

जैसे ही श्रद्धालु “जय बाबा केदार” और “बद्री विशाल की जय” के जयघोष के साथ कस्बे में पहुंचे, परिजनों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर उनका भव्य स्वागत किया।

स्वागत में उमड़ा उत्साह

श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी से परिजनों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कई परिवारों की आंखें अपने प्रियजनों को सकुशल लौटता देखकर नम हो गईं।

यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने इसे जीवन का यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बताया।

20 मई को शुरू हुई थी यात्रा

श्रद्धालुओं के अनुसार जत्था 20 मई को उदयपुरवाटी से रवाना हुआ था।

सबसे पहले हरिद्वार पहुंचकर गंगा आरती में शामिल हुए और अगले दिन गंगा स्नान के बाद बरकोट के लिए प्रस्थान किया।

बारिश के बीच पहुंचे यमुनोत्री धाम

22 मई को श्रद्धालुओं ने हनुमान चट्टी और जानकी चट्टी होते हुए यमुनोत्री धाम की लगभग 7 किलोमीटर लंबी कठिन चढ़ाई पूरी की।

इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश भी हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के बीच ही सभी ने मां यमुनोत्री के दर्शन किए।

गंगोत्री से केदारनाथ तक का कठिन सफर

यमुनोत्री दर्शन के बाद जत्था उत्तरकाशी पहुंचा और वहां से मां गंगोत्री धाम के दर्शन किए।

इसके बाद लंबी यात्रा करते हुए श्रद्धालु केदारनाथ बेस कैंप सीतापुर पहुंचे। 27 मई को बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए करीब 18 किलोमीटर लंबी चढ़ाई पूरी की।

श्रद्धालुओं ने बताया कि कठिन रास्तों के बावजूद बाबा केदार के दर्शन ने सारी थकान दूर कर दी।

बद्रीनाथ धाम में 4 घंटे इंतजार

29 मई को जत्था बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ।

भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए करीब 4 घंटे तक कतार में इंतजार करना पड़ा। हालांकि दर्शन के बाद सभी ने इस अनुभव को अविस्मरणीय बताया।

देवप्रयाग और धारी देवी मंदिर में भी किए दर्शन

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने देवप्रयाग संगम में अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र संगम के दर्शन किए।

इसके अलावा सिद्धपीठ मां धारी देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला और राम झूला भी देखा।

“बाबा का बुलावा आया तो फिर जाएंगे”

यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि कठिन चढ़ाई और मौसम की चुनौतियों के बावजूद यात्रा बेहद सुखद और आध्यात्मिक रही।

उन्होंने बताया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के बाद मन में अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।

श्रद्धालुओं ने कहा,

“यदि बाबा केदार का फिर बुलावा आया तो हम दोबारा इस पवित्र यात्रा पर जरूर जाएंगे।”

जत्थे में शामिल रहे ये श्रद्धालु

चारधाम यात्रा में नवीन शर्मा, ललित कुमार सोनी, रेणु सोनी, विराट सोनी, प्रणव सोनी, संदीप कुमार सोनी, भव्य सोनी, महिमा सोनी, ओम प्रकाश शर्मा, कांता शर्मा, विकास योगी, प्रियंका योगी, रमाकांत मित्तल, ममता, अरविंद स्वामी, सुनीता और सुधांशु स्वामी सहित कुल 17 श्रद्धालु शामिल रहे।