Archive notice This article was published on 19 May 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

उदयपुरवाटी, (कैलाश बबेरवाल)। झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ी बेल्ट स्थित चंवरा गांव में गहराते जल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के वार्ड नंबर 4 स्थित अनुसूचित जाति बस्ती के लोगों ने पानी की मांग को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

“वोट के समय वादे, बाद में कोई सुनवाई नहीं”

बैठक के दौरान महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों पर जमकर निशाना साधा। महिलाओं ने कहा कि चुनाव के दौरान नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद बस्ती की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता।

ग्रामीण महिलाओं ने कहा:

“हर चुनाव में पानी देने के वादे होते हैं, लेकिन आज भी हम बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।”

मुफ्त टैंकर योजना सिर्फ कागजों में

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार ने गर्मियों में पेयजल संकट से राहत देने के लिए निःशुल्क टैंकर सप्लाई की व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन चंवरा गांव की बस्ती में अब तक एक भी सरकारी टैंकर नहीं पहुंचा।

गांव के लोगों का कहना है कि वे दिहाड़ी मजदूरी करने वाले गरीब परिवार हैं और मजबूरी में निजी टैंकर महंगे दामों पर मंगवाने पड़ रहे हैं।

पाइपलाइन दबी, लेकिन पानी नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले में पीएचईडी की पाइपलाइन तो बिछी हुई है, लेकिन उसमें कभी पानी की सप्लाई नहीं होती।

इसके अलावा पूरी बस्ती में न तो कोई सरकारी बोरवेल है और न ही बड़ी पानी की टंकी, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है।

जिला कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन

यह बैठक जल संघर्ष समिति अध्यक्ष कामरेड नत्थूराम सैनी और अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति संयोजक केके सैनी की मौजूदगी में आयोजित हुई।

दोनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और प्रशासन को इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।

उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर अरुण गर्ग को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

प्रदर्शन में रिछपाल मेघवाल, विजेंद्र गोठवाल, श्रीराम महरानियां, धोलूराम, राजेंद्र महरानियां, सूरज सबलानिया, पियूष खींची सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मौजूद रहे।

गांव की महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।