Archive notice This article was published on 04 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

Rajasthan News : राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है।

आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चित्तौड़गढ़ में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को शिकायत करने से मना किया गया है।

इसके तहत चित्तौड़गढ़ के सरकारी कर्मचारी और शिक्षक अब पब्लिक हियरिंग एंड कॉन्टैक्ट पोर्टल के माध्यम से सीधे शिकायत दर्ज नहीं कर सकेंगे।

उनके खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उन्हें रात के चौपाल के दौरान शिकायत दर्ज कराने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि जिला कलेक्टर सरकारी कर्मचारी और शिक्षक द्वारा बिना अनुमति के सीधे लोक सुनवाई या सतर्कता पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से नाराज हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर दिए हैं।

नए आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों पर प्रतिबंध अब सीधे संपर्क पोर्टल या सार्वजनिक सुनवाई पर शिकायत नहीं कर पाएगा।


अगर वे ऐसा करते हैं या नियम तोड़ते हैं तो उनके खिलाफ सीसीए नियम-17 के तहत कार्रवाई की जाएगी। वे अपनी शिकायतें केवल अपने नियंत्रक अधिकारी यानी अपने प्रबंधक को ही दे सकते हैं।

जारी आदेश में क्या लिखा है

अधिक जानकारी के लिए बता दे की शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया, चित्तौड़गढ़ जिले के सभी कार्मिकों, अधिकारियों को पाबंद किया जाता है कि आप अपनी व्यक्तिगत, सेवा संबंधित, विद्यालय संबंधित जैसी शिकायत संबंधित अधिकारी को ही सौंपेंगे.

सीधे ही सतर्कता, संपर्क पोर्टल, जन सुनवाई, रात्रि चौपाल में शिकायत नहीं देंगे.



ऐसा करने पर कार्मिक और नियंत्रण अधिकारी के विरुद्ध सीसीए नियम 17 के तहत कार्रवाई की जाएगी. जिसकी सभी जिम्मेदारी संबंधित कार्मिक, अधिकारी की रहेगी.

नए आदेश के मुताबिक, संबंधिक कार्मिक, अधिकारी के साथ-साथ नियंत्रण अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.