Archive notice This article was published on 31 May 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

Rajasthan ACB action : राजस्थान से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां रिश्वत खोर्री के खिलाफ एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है।

उदयपुर ACB टीम की बड़ी कार्रवाई

बता दे की राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ शनिवार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई उदयपुर ए. सी. बी. की विशेष इकाई ने की।

बिल पास करने के एवरेज में मांगें पैसे

मिली जानकारी के मुताबिक बता दे की एलएंडटी कंपनी का एक कर्मचारी अगस्त 2025 में ड्यूटी के दौरान अचानक लकवाग्रस्त हो गया।

शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा पीड़ित के चिकित्सा बिलों का भुगतान करने और उसके चिकित्सा अवकाश राशि को मंजूरी देने के बदले लगातार रिश्वत की मांग कर रही थी।

उसने इस काम के लिए पीड़ित के परिवार और कंपनी के एचआर मैनेजर पर भारी दबाव डाला था।

बार बार रिश्वत की मांग

शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपी प्रबंधक का भ्रष्टाचार यहीं नहीं रुका। इससे पहले, उसने इसी तरह के कई मामलों में कंपनी के एचआर मैनेजर और पीड़ित के परिवार को धमकी देकर कुल 40,000 रुपये की रिश्वत ली थी।

बार-बार अवैध बरामदगी से परेशान होकर पीड़ित ने ए. सी. बी. में शरण ली।

उदयपुर ए. सी. बी. के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। 29 मई को पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मण डांगी ने रिश्वत की मांग की पुष्टि की, जिसमें आरोपी ने 10,000 रुपये की राशि तय की।

शनिवार को जैसे ही संदीप वोहरा ने शिकायतकर्ता से उसके कार्यालय कक्ष में 10,000 रुपये की रिश्वत ली, पहले तैनात ए. सी. बी. की टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।