Archive notice This article was published on 27 January 2022 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

दातारामगढ़ के लोक कलाकार भाई बहन जोड़ी का भी हुआ सम्मान

जयपुर, राजस्थान क्षत्रिय कुमावत युवा शक्ति समिति, जयपुर द्वारा होटल मनो‍हर पैलेस, कालवाड़ रोड़, जयपुर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर समाज के प्रतिभावान खिलाडि़यों व समाज में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्तियों के सम्माान में समारोह आयोजित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम जिलाध्यक्ष पंकज सिरोहिया की अध्यक्षता में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष नवरतन जी मोरवाल, विशिष्ट अतिथि जिला प्रभारी संजीव कुमावत थे। राजस्थान क्षत्रिय कुमावत युवा शक्ति समिति, जयपुर के मंत्री शंकर लाल भूरोदिया ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के बच्चो में खेल के प्रति जागरूकता लाना है। कार्यक्रम में 28 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया जो जिला व राज्य स्तर पर विभिन्न खेलो में पदक प्राप्त व विजेता रहे और समाज का नाम रोशन किया। अदम्य साहस और समाज का नाम रोशन करने वाले हंसराज कुमावत का सम्मान भी किया जिन्होंने नदी डूबती हुई एक युवती जान बचाई थी।
जिलाध्य्क्ष पंकज सिरोहिया ने कहा कि आप सभी को सम्मानित करके मुझे बड़ी प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। आप सदैव सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर समाज का ही नहीं, देश का नाम पूरे विश्व में गौरवान्वित करें। समिति के खेल मंत्री पवन कुमावत ने प्रशिक्षक के महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन से ही प्रशिक्षकों की भूमिका को भी प्रशंसा मिलती है। वरिष्ठ विधि सलाहकार राकेश कुमावत ने कहा कि आपकी सफलता ही खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा की संजीवनी साबित होगी। कार्यक्रम में कुमावत इंडिया मासिक पत्रिका वितरित की गई। कार्यक्रम में जिला महामंत्री हरीश कुमावत, जिला संरक्षक राधामोहन कुमावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशनलाल धुंधारिया, मंत्री शंकर लाल भूरोदिया, खेल मंत्री पवन कुमावत, वरिष्ठ विधि सलाहकार एडवोकेट राकेश कुमावत, संगठन मंत्री राजेंद्र कुमावत, आईटी संयोजक अभिषेक घोडेला, प्रमोद कुमावत, जिला कार्यकारणी सदस्य जगदीश कुमावत, हीरालाल कुमावत, कुमावत इंडिया पत्रिका के सह संपादक जयसिंह गुडीवाल, खेमचंद खड़गटा व्यावस्थापक मंडल सदस्य, सुखराम कुमावत जनसेवक, चिंरजी फिल्मस के निर्माता निर्देशक चिंरजी कुमावत व अनेक समाजबंधु मौजूद रहे।