Archive notice This article was published on 30 January 2024 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कार्यशाला का आयोजन

सीकर, तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए बहु हितधारकों की कार्यशाला जिला परिषद सभागार में जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, एसआरकेपीएस राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुई। कार्यशाला में वक्ताओं ने धूम्रपान मुक्त समाज के लिए तंबाकू उत्पाद बेचने वालें पर सख्ती और आमजन को तंबाकू नियंत्रण कानून की जानकारी देने व इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

कार्यशाला में जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी ने कहा कि तंबाकू उत्पादों पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। आजकल युवा पीढ़ी तम्बाकू व नशीले उत्पाद के इस्तेमाल का शौक शौक में शुरू करती है और फिर वे इन उत्पाद के आदी हो जाते है। अगर एक बार कोई इन उत्पादों का आदी हो जाता है तो छोड़ना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने से तम्बाकूू व नशीले पदार्थ का दूर रहें और इसका सेवन नहीं करने की आह्वान किया। उन्होंने सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित अन्य बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू उत्पादों के सेवन से समाज पर होने वाले दुष्परिणाम का अध्ययन करने आश्यकता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में तंबाकू उत्पादों का सेवन तुरंत प्रतिबंध होना चाहिए। नाबालिक बच्चों को तम्बाकू उत्पाद के सेवन से होन वाले दुष्परिणामों से बचने के लिए उन्हें जागरूक करना चाहिए।

सीईओ जिला परिषद राकेश कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी इस कार्य को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें, ताकि तंबाकू उत्पादन का सेवन पूर्ण किया प्रतिबंधित किया जा सके। उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार, समाज और देश को भी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय को 100 प्रतिशत तंबाकू मुक्त किया जाए तथा इससे संबंधित सभी कार्यों में बोर्ड लगा होना चाहिए। सरकारी विद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में कोई भी तंबाकू बेचता पाया जाए पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने तंबाकू का सेवन नहीं करने की प्रतिज्ञा दिलाई।

इस दौरान एसआरकेपीएस के प्रतिनिधि राजन चौधरी ज्योति चैधरी, डॉ संजय ने तंबाकू उत्पादन के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कोटपा एक्ट की धाराओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में डिप्टी सीएमएचओ अशोक महरिया, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक लालचंद नहलिया, सहायक निदेशक जनसंपर्क पूरणमल, जिला साक्षरता अधिकारी राकेश कुमार लाटा, एपीआरओ राकेश कुमार ढाका सहित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।