हिसार जिले के गांव उमरा की 21 वर्षीय पहलवान स्वीटी मलिक ने अंडर-23 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप-2026 में सिल्वर मेडल जीता है। वियतनाम में 23 से 30 मई तक आयोजित चैंपियनशिप में वह 50 किलोग्राम भार वर्ग में कुश्ती मैट पर उतरी थी।
इस प्रतियोगिता में एशिया के कई देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इतने बड़े मंच पर सिल्वर मेडल जीतना स्वीटी के लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि करीब एक दशक की मेहनत, संघर्ष और अनुशासन की कमाई है।
10 साल पहले चाचा को देखकर शुरू की थी कुश्ती
कोच संजय ने बताया कि स्वीटी ने करीब 10 साल पहले कुश्ती की शुरुआत की थी। बचपन में जब वह अपने चाचा के साथ गांव के अखाड़े में जाती थीं, वहां पहलवानों को देखकर उनके भीतर भी कुश्ती के प्रति रुचि जागी। धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
आज भी वह उमरा गांव स्थित एशियन पब्लिक स्कूल के अखाड़े में अभ्यास करती हैं। कोच के अनुसार सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं बल्कि कठिन मेहनत छिपी है। स्वीटी की दिनचर्या सामान्य खिलाड़ियों जैसी नहीं रही। सुबह दो घंटे अभ्यास, दोपहर में अतिरिक्त ट्रेनिंग और शाम को लंबे सेशन के साथ वह रोज सात से आठ घंटे तक पसीना बहाती हैं।
स्वीटी के लिए यह पहला अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं था। वर्ष 2018 में उन्होंने पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया था। इसके बाद उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई। अब उनकी नजर अगले लक्ष्य पर है। 30 मई को दिल्ली के आईजी स्टेडियम में होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल चुनौती होगी। इसके बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी भी शुरू होगी।
सिसाय कालीरावण के हैं सचिन पन्नू
सिसाय कालीरावण के सचिन फ्लू ने वियतनाम में आयोजित अंडर-23 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। सचिन ने मेहनत, अनुशासन और लगातार संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम पाया है।





