सीकर। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीयन के लिए लगने वाली कतार से मरीजों को राहत देने के लिए डिजिटल सुविधा को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा से मरीज अस्पताल में लगाए गए QR कोड को स्कैन कर डिजिटल माध्यम से ओपीडी पंजीयन करा सकते हैं।
सीकर जिले में अब तक 29.8 लाख आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिकों की आभा आईडी बनाने और स्वास्थ्य रिकॉर्ड को इससे जोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
QR कोड स्कैन कर होगा OPD पंजीयन
सीएमएचओ डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत प्रत्येक नागरिक के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाया जाता है। यह 14 अंकों की विशिष्ट हेल्थ आईडी है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकता है।
एबीडीएम की ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा के तहत मरीज अस्पताल में उपलब्ध QR कोड को मोबाइल से स्कैन कर ओपीडी पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इससे पंजीयन काउंटर पर लगने वाली कतार से राहत मिल सकती है।
राजस्थान सरकार की ओर से चिकित्सा संस्थानों में इस सुविधा के लिए फास्ट ट्रैक काउंटर विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिले के अधिकांश चिकित्सा केंद्रों पर सुविधा को लेकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड से पुराने स्वास्थ्य विवरण मिल सकेंगे
ABHA के माध्यम से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रख सकता है। इसमें जांच रिपोर्ट, उपचार से जुड़ी जानकारी और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड शामिल किए जा सकते हैं।
भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन रिकॉर्ड को संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा करना आसान होगा। इससे चिकित्सकों को मरीज के पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है और उपचार प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है।
सीकर में 29.8 लाख ABHA ID तैयार
जिला कार्यक्रम समन्वयक कमल गहलोत ने बताया कि राजस्थान में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
10 अगस्त 2026 तक राज्य में 7.74 करोड़ से अधिक ABHA नंबर, 52,841 स्वास्थ्य सुविधाएं हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में और 1,11,276 स्वास्थ्यकर्मी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकृत हो चुके हैं।
सीकर जिले में अब तक 29.8 लाख ABHA आईडी बनाई जा चुकी हैं।
