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आपको बता दें कि पंचांग के अनुसार, इस साल राम नवमी 06 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान राम की पूजा अर्चना के साथ आपको उनकी आरती भी जरूर करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से आपको प्रभु श्री राम की विशेष कृपा प्राप्त होगी। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहेगा। आइए जानते हैं भगवान राम की आरती के बारे में…
आरती भगवान श्री रामचंद्रजी की (Shri Ram Ji Ki Aarti)
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
बोलो – जय श्रीराम, जय श्रीराम, सीता माता की जय, भगवान राम की जय
