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46 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी
जानकारी के लिए बता दे कि राज्य की डेयरियों के मुनाफे में पिछले साल के मुकाबले 46 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह बढ़ोतरी पिछले 47 सालों में सबसे ज़्यादा है. 24 में से 15 दुग्ध संघ, जो पहले घाटे में चल रहे थे, अब मुनाफे में हैं. राज्य सरकार का कहना है कि यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था (rural economy) में विश्वास और किसानों की भागीदारी का नतीजा है.
65 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य
जानकारी के लिए बता दे कि राज्य की डेयरी प्रसंस्करण क्षमता में भी लगातार विस्तार हो रहा है. पिछले वर्ष 4 लाख टन दूध का इजाफा हुआ है पहले 48 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता अब बढ़कर 52 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है. वहीँ भजनलाल सरकार ने इसे अब 65 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का है. इससे प्रदेश की दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और वितरण प्रणाली और सशक्त होगी.
एक हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनीं
जानकारी के लिए बता दे कि पिछले एक वर्ष में राज्य में 1,000 नई डेयरी सहकारी समितियों ( dairy cooperatives) का गठन किया गया है. साथ ही 2,000 संकलन केंद्र स्थापित किए गए हैं और 1 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सहकारी नेटवर्क से जोड़ा गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और किसानों की आमदनी में स्थिरता आई है.
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