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चूरू, जिले में ड्राइविंग लाइसेंस (लाइट) बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक पर ट्रायल पास करने के बाद ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों का लाइसेंस जारी किया जाएगा।
मारुति सुजुकी ने किया ट्रैक तैयार
जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) नरेश कुमार बसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मारुति सुजुकी प्रा. लि. द्वारा तैयार किया गया ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक जिला परिवहन कार्यालय, चूरू को सुपुर्द कर दिया गया है।
19 जनवरी 2026 से लागू होगा नया नियम
डीटीओ ने बताया कि
“सोमवार, 19 जनवरी 2026 से जिला परिवहन कार्यालय, चूरू में लाइट मोटर व्हीकल के सभी ड्राइविंग लाइसेंस केवल ऑटोमेटेड ट्रायल सिस्टम के जरिए ही बनाए जाएंगे।”
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
ऑटोमेटेड ट्रैक से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे ट्रायल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सटीक होगी। इससे योग्य चालकों को ही लाइसेंस मिल सकेगा।
आवेदकों के लिए जरूरी सूचना
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अब वाहन चलाने का अभ्यास ऑटोमेटेड ट्रैक के अनुसार करना होगा, ताकि वे ट्रायल में सफल हो सकें।
