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झुंझुनूं, ग्राम विकास अधिकारी सिद्धार्थ खीचड़ की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय जिला परिषद की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्थापना समिति की बैठक में लिया गया।
कारण और जांच
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चंद्र यादव के अनुसार, खीचड़ ने ग्राम पंचायत पातुसरी और नयासर पंचायत समिति में पदस्थ रहते हुए अपनी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के खातों में अनाधिकृत रूप से ₹46,86,889/- और ₹55,92,600/- हस्तांतरित किए। इसके अलावा ₹66,940/- नकद राशि का गबन भी प्रमाणित हुआ।
समीक्षा और निर्णय
परिवीक्षाकाल में इतनी बड़ी राजकीय राशि का अनाधिकृत हस्तांतरण और नकद गबन को गंभीर दुराचार माना गया। इस आधार पर डॉ. अरूण गर्ग, जिला कलेक्टर एवं प्रशासक जिला परिषद, की अध्यक्षता में 29 दिसंबर को सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर वित्तीय अनियमितताओं पर कोई ढील नहीं दी जाएगी और भविष्य में भी इस तरह के मामलों में कड़ा रुख अपनाया जाएगा।
