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झुंझुनूं में उपभोक्ता आयोग ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने सोमवार 18 मई 2026 से 45 दिवसीय कंज्यूमर्स वॉइस मिशन 2.0 और त्वरित न्याय जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान के तहत अब ऐसे मामलों में, जहां दोनों पक्षों की सहमति बन जाएगी, वहां सिर्फ 7 दिन में फैसला करने का प्रयास किया जाएगा।
त्वरित न्याय पर रहेगा फोकस
उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की मूल भावना त्वरित न्याय देना है। अधिनियम की धारा 38(7) के अनुसार उपभोक्ता मामलों का निस्तारण अधिकतम 5 महीने में करने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल न्याय देना नहीं बल्कि लोगों को न्याय होता हुआ दिखाना भी है।
“त्वरित न्याय सिद्धांत को धरातल पर लागू करने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।” मनोज कुमार मील
न्याय टेबल पर होगी समझाइश
अभियान के दौरान आयोग सदस्य प्रमेन्द्र कुमार सैनी रोजाना एक घंटे तक न्याय टेबल पर दोनों पक्षों की समझाइश करेंगे।
जिन मामलों में आपसी सहमति बन जाएगी, उनका उसी दिन लोक अदालत की भावना से निपटारा किया जाएगा। वहीं जिन मामलों में समझौता नहीं होगा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एक सप्ताह में निर्णय करने का प्रयास रहेगा।
पहले ही दी जा चुकी है प्री-काउंसलिंग
आयोग के अनुसार प्रत्येक मामले में पहले राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान प्री-काउंसलिंग करवाई जा चुकी है। दोनों पक्षों को 15 दिन में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा न्यायहित में प्रत्येक पक्षकार को 3 अवसर भी दिए गए हैं।
पुरानी पेंडेंसी खत्म करने की तैयारी
अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा कि इस अभियान के जरिए आयोग की पुरानी लंबित फाइलों को भी तेजी से निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने मामलों की सुनवाई करवाएं और इस अभियान का लाभ लें।
पहले चरण में 3 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान
गौरतलब है कि कंज्यूमर्स वॉइस अभियान के पहले चरण में जिलेभर में 3 लाख से ज्यादा लोगों को उपभोक्ता जागरूकता की शपथ दिलवाई गई थी।
अब दूसरे चरण में आयोग का फोकस त्वरित न्याय और मामलों के शीघ्र निस्तारण पर रहेगा।
