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7 मई को चूरू जिले के बीदासर पेट्रोल पम्प के मुनीम से 15 लाख की लूट मामले में रविवार को चूरू एसपी राहुल बारहट ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया है। लूट के इस बहुचर्चित मामले में पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वारदात में सबसे ज्यादा चौंका देने वाला पहलु यह रहा कि इस लूट मामले में गुजरात पुलिस के एक कांस्टेबल गोविंद भाई और दो होमगार्ड जवानों हितेश व घनश्याम को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होनें लूट के मुख्य आरोपियों महेन्द्र जाट और नरेश उर्फ नरिया से फरारी के दौरान गुजरात के अहमदाबाद में लूट के लाखों रूपये उन्हें छोड़ देने की एवज में डकार लिये थे। गुजरात पुलिस के इस कान्सटेबल गोविंद भाई और होमगार्ड जवानों हितेश व घनश्याम के कब्जे से 9 लाख 3 हजार 420 रूपये भी पुलिस ने बरामद किये हैं। यह तीनों शास्त्री ब्रीज चौक पोस्ट पर तैनात थे जिन्होने मुख्य आरोपियों से लूट की यह रकम ये जानते हुए भी कि ये लूट की रकम है अपने पास रख ली थी। सरदारशहर एसएचओ पुष्पेंद्र झाझडिय़ा, रतनगढ़ एसएचओं राणीदान चारण व बीदासर पुलिस इस मामले के खुलासे में अहम रोल रहा। चूरू जिले की पुलिस द्वारा संयुक्त ऑपरेशन में लगातार 15 दिनों तक इस मामले के खुलासे में जुटे रहे। पुलिस लाइन सभागार में हुई प्रेसवार्ता में एसपी राहुल बारहट ने बताया कि लूट के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जब लूटी गयी रकम की बरामदगी के लिये इनसे पुछताछ की गयी तो इन्होने यह रकम गुजरात के पुलिस कांस्टेबल को देना बताया। इन्होने पुछताछ में बताया कि लूट की वारदात के बाद दोनो जयपुर होते हुए बस में फरार हो गये थे। अहमदाबाद के पास शास्त्री ब्रीज चौक पोस्ट पर जब बस को चैक किया गया तो उसमें दोनों आरोपी भी थे, जब चौक पोस्ट पर तैनात कान्सटेबल गोविंद भाई और होमगार्ड जवानों हितेश व घनश्याम ने इनकी तलाशी ली तो इनके पास लूट की रकम बैग सहित मिली। पुलिस ने दोनो आरोपियो को बस से नीचे उतार लिया और दोनों आरोपियों को छोडऩे तथा इनकी सूचना राजस्थान पुलिस को ना देने की शर्त पर लूट की रकम को बैग सहित अपने पास रख लिया।
