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सूरज रोटे का व्रत ऱखकर सुनी कहानी
शादी के बाद पहली बार गणगौर का पूजन कर रही नवविवाहिताओं के लिए यह व्रत है बहुत जरूरी
रतनगढ़, [सुभाष प्रजापत ] क्षेत्र में रविवार को कई घरों में युवतियों एवं नवविवाहिताओं ने सूरज रोटे का व्रत रखा। कहानी सुनी तथा 9 युवतियों को भोजन करवाया। मान्यता के अनुसार 16 दिनों तक गणगौर माता की पूजा-अर्चना के दौरान आने वाले पहले रविवार को सूरज रोटे का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। मान्यता यह है कि यह व्रत रखने से बेटी के पीहर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है। रविवार की सुबह युवतियों एवं नवविवाहिताएं गणगौर का पूजन करने के लिए दूब लाती है तथा मां गौरां की पूजा-अर्चना करती है तथा इसके पश्चात सूरज भगवान की कहानी सुनती है। यह व्रत शादी के बाद पहली बार गणगौर का पूजन कर रही नवविवाहिताओं के लिए बहुत जरूरी होता है तथा इसी दिन वह व्रत रखकर उद्यापन भी करती है। इस अवसर पर धनी प्रजापत , अंतिमा टेलर, सहित कई युवतियाँ उपस्थित रही।
