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शहर में नवविवाहिताएं कर रही है गणगौर की पूजा-अर्चना
सुबह गणगौर का पूजन एवं शाम को पिलया जाएगा पानी
होली के दूसरे दिन शुरू होता है गणगौर का 16 दिवसीय पर्व शुरू
रतनगढ़, [सुभाष प्रजापत ] ‘म्हार दादोजी र मांडी गणगौर…, दादसरा घड़ायो रंगरो झुमकड़ों…’ सहित कई लोक गीतों के साथ नवनिवाहिताओं ने बुधवार की शाम पक्की गणगौर का निर्माण किया। शाम को चिकनी मिट्टी लाकर घर-घर में गौर निर्माण में महिलाएं व्यस्त रही तथा गुरुवार से गौर को पानी पिलाने एवं घर-घर में बंदौरा निकालने की रस्म प्रारंभ होगी। साथ ही कई घरों में जंवारा बुवाई की रस्म भी अदा की गई। बुधवार की रात से गणगौर त्यौंहार तक ‘म्हारा हरा ए जंवारा राज…, गेहूं लाल सर से बड़ा…’ जैसे अनेक कर्णप्रिय लोक गीतों की आवाज सुनाई देगी। सुबह गणगौर पूजन, शाम पानी पिलाने एवं बनौरा निकालने की रस्म तथा रात को जंवारा के गीतों में महिलाएं व्यस्त रहेगी। 24 मार्च को गणगौर का आयोजन होगा, इस दौरान नगरपालिका प्रशासन द्वारा गणगौर की शाही लवामजे के साथ सवारी निकाली जाएगी तथा जगह-जगह महिलाएं गणगौर की पूजा-अर्चना कर सुहाग की लंबी आयु की कामना करेगी तथा मेले का आयोजन होगा।
