Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
झुंझुनू, नोरंगराम दयानन्द ढूकिया नर्सिंग कॉलेज में थीम हमेशा कवि बनो यहां तक कि गद्य में भी, विश्व कविता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छात्र / छात्राओं द्वारा नर्सिंग शीर्षक पर द्विया, शैलजा, खुशी, प्रिया, प्रमेन्द्र व लक्षमण द्वारा कविताएं सुनाई गई। इस अवसर पर संस्थान एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सुनिता ढूकिया द्वारा विश्व कविता दिवस का इतिहास बताते हुये कहा कि युनेस्को ने पहली बार 1999 में पेरिस में अपने 30 वा आम सम्मेलन के दौरान 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के रूप में अपनाया जिसका उदेश्य काव्यात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से भाषाई विवधता का समर्थन करना और लुप्तप्राय भाषाओं को सुनने का अवसर बढ़ाना है। इस अवसर पर समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
