Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
दांतारामगढ़, [लिखा सिंह सैनी ] बेटियां बोझ नहीं है,जीवन का आधार है बेटियां। बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर से लेकर ग्रामीण स्तर पर अपनी कला के जरिये पहचान बना रही है। आज बेटियां भी कदम से कदम मिलाकर हर क्षेत्र में काम कर रही है ओर सफल हो रही है। दांता की किरण सैनी व पूजा सैनी कई शादियों में दुल्हन के ड्रेस डिजाइन कर तैयार किये है। दोनो बहिनें प्रारंभ से ही कलात्मक क्षेत्र में रुचि रखने वाली छात्रा रही है, पूजा ने छात्र जीवन में भी कई प्रमाण पत्र एवं इनाम अपने नाम किया है। किरण एवं पूजा दोनों बहने कलात्मक क्षेत्र में रुचि रखती है। दोनो ड्रेस को ग्रामीण कल्चर के हिसाब से ड्रेस डिजाइनिंग करती है। जिससे विलुप्त हो रहे कल्चर को मॉडर्न ट्रेंड से मिक्स करते हुए ड्रेस डिजाइन करती है। जिसमें अनारकली, सरारा, गाउन, पटियाला सूट ,पंजाबी सूट, लाचा, पैंट, प्लाजो व लहंगा गाउन, फ्रॉक अन्य तमाम तरह के फैंसी सूट के डिजाइन बना रही हैं। साथी ही इसकी क्लासेज चलाकर अन्य लड़कियों भी सिखा रही है एवं लगातार चार सालों से दोनों यह काम कर रही है व इसी काम में अपना नाम रोशन करना चाहती है। किरण को बचपन से ही फैशन डिजाइनिंग का शौक था और इस में ही अब पहचान बन रही है। दोनो बहिनों ने एमए फानईल किया है। किरण ने बताया कि अब वह अपने हुनर को मंच पर उतारने में जुट गई हैं। दोनो बहिनो ने बताया कि माता-पिता के जो सपने होते हैं उसे पूरा करना उनके बच्चों के लिए कर्तव्य होता है और यह हम दोनो बहिनो लिए एक सुनहरा मौका है। कि हम अपने माता पिता के सपने को पूरा कर सकें ।
