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चूरू, चूरू के गंदे पानी की निकासी एवं गिनाणी की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए 11.37 करोड़ रुपए के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की अमृत एपेक्स कमेटी ने स्वीकृति जारी की है। राजस्थान राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज ने बताया कि उच्च स्तर पर उनके द्वारा किए गए ध्यानाकर्षण के बाद राज्य सरकार की ओर से अमृत 2.0 में योजना में 11.37 करोड़ का प्रस्ताव अमृत योजना के केंद्रीय मिशन डायरेक्टर को भेजा गया था। इस पर मिली स्वीकृति के बाद इस समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राजस्थान महिला आयोग अध्यक्ष ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग सहित प्रोजेक्ट में विशेष रूचि लेने के लिए उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। रेहाना रियाज ने बताया कि पिछले कई दशकों से चूरू इस समस्या को झेल रहा है और उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान गिनाणी के ओवरफ्लो होने से विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं तथा जनजीवन बाधित हो जाता है। आबादी क्षेत्र में पानी भरने से लोगों की जान पर बन आती है और सड़क एवं रास्ते बाधित हो जाते हैं। यह प्रोजेक्ट स्वीकृत होने से समस्या का समाधान होगा और लोगों की जीवन में बेहतरी आएगी। राजस्थान अरबन ड्रिंकिंग वाटर सीवरेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रूडसिको) द्वारा यह कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट जल्दी पूरा हो, इसके लिए वे सतत प्रयासरत रहेंगी ताकि अगले वर्ष लोगों को गंदे पानी की निकासी और गिनाणी की समस्या से सामना नहीं करना पड़े।
उल्लेखनीय है कि चूरू शहर में पानी निकासी की वर्षों से चली आ रही समस्या को देखते हुए महिला आयोग अध्यक्ष ने बार-बार गिनाणी क्षेत्र का दौरा कर समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल सहित उच्चाधिकारियों से मिलकर प्रोजेक्ट स्वीकृत करने के लिए लगातार प्रयास किए।
