Archive Notice: This article was originally published on 21 जून 2022.
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झुंझुनू, किसी भी राज्य में वित्तीय व्यवस्था के कुशल संचालन का जिम्मा लेखा / वित्तीय अधिकारियों के पास होता है। प्रत्येक विभाग में कुशल क्रियाकलाप के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का कार्य लेखा / वित्त अधिकारी को दिया जाता है। क्योंकि प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी को लेखा संवर्ग पर अत्यधिक विश्वास होता है। लेकिन आज राजस्थान में वित्त विभाग, शासन सचिवालय के द्वारा राजस्थान लेखा संवर्ग का खात्मा किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। गत दिनों में ट्रेजरियों को बन्द किये जाने, पेंशन विभाग को बन्द किये जाने, बजट को पूल सिस्टम में किया जाकर वित्त व्यवस्था को चौपट किये जाने के साथ-साथ अब आन्तरिक जांच दलों को बन्द किया जा रहा है। जब मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा हुआ था, तब मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा ही बजट घोषणा करके मनरेगा में आन्तरिक जांच की व्यवस्था प्रारम्भ की गई थी। आज उसी आन्तरिक जांच को बन्द किया जाकर अथवा ठेके के कर्मचारियों से कराये जाने की योजना बनाई जा रही है। इससे राज्य की वित्तीय व्यवस्था का सर्वनाश तय है। लेखा संवर्ग द्वारा इसी संदर्भ मे सचिवालय स्थित अशोक उधान मे जयपुर के लेखाकर्मियो ने वित्त विभाग द्वारा सब ट्रेजरी एवं ट्रेजरियों को बन्द करने एवं आंतरिक जाँच दलो को समाप्त कर वित्त व्यवस्था को चौपट किये जाने पर आकोश व्यक्त किय गया। इसके लिए शीघ्र ही लेखा संवर्ग बचाओं, राज्य बचाओं अभियान शुरू किया जावेगा। उक्त मीटिंग में झुंझुनूं जिले से जिला अध्यक्ष प्रभुदयाल सिंह, जिला महामंत्री जयप्रकाश सैनी,प्रांतीय प्रतिनिधि शिवशंकर , महेंद्र शर्मा, सोनिया भामू, पूर्णचंद, गोविंद ने भाग लिया। इसी क्रम में जिला महामंत्री जयप्रकाश सैनी ने बताया कि झुंझुनूं जिला मुख्यालय सहित दिनाँक 22/06/2022 को जिला कलेक्टर व सभी ब्लॉक में एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर विरोध प्रकट किया जाएगा। इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती है तो आन्दोलन किया जायेगा

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