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मण्डावा, जिला परिषद सदस्य एवं शिक्षाविद्व इजी. प्यारेलाल ढूकिया ने कहा कि शारीरिक क्षमता पर मानसिक एवं भावनात्मक स्थितियों का भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में खिलाडियों को हमेशा अपना मन अच्छा रखना चाहिए। वे गुरूवार को मेहरादासी ग्राम पंचायत के कोलाली गावं में शहीद सुमेर सिंह की स्मृति में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के उद्धाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इंजी. ढूकिया ने कहा कि खिलाड़ी को हार से घबराना नहीं चाहिए। बल्कि उससे सबक लेकर आगे अच्छी तैयारियो में जुटना चाहिए। कुती व कृष्ण के प्रसगं का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति को दु:ख से कभी धबराना नहीं चाहिए। क्योकि दु:ख झेलने के बाद सुख का अहसास होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षक संघ (शेखावाटी) के जिलाध्यक्ष दुर्गाराम मौगा ने कहा कि आधुनिक युग में तनाव एक बड़ी समस्या है। खेल के माध्यम से तनावों को दूर किया जा सकता है। हर खिलाड़ी को हार-जीत की स्थिति में मानसिक सन्तुलन बनाए रखना चाहिए। खिलाडिय़ो के शारीरिक, मानसिक एव भावनात्मक सन्तुलन को बनाए रखने के लिए खेल जरूरी है। समारोह में शिक्षाविद्व दयानन्द ढूकिया, मास्टर ईश्वरलाल जागिड़, रोड़वेज यूनियन इंटक के चीफ बनवारीलाल जाट व भागीरथ सिंह सिहाग आदि मचासीन अतिथि थे। आठ दिवसीय इस प्रतियोगिता में कुल 32 टीमें भाग ले रही है। उदघाटन मैच में पाटोदा की टीम ने बलोद बड़ी की टीम को हराया। ग्रामीण मुस्ताक खान, फैजू खा, मदनसिंह शेखावत, मनवर अली खा, हारून, अकरम, मुमताज, इस्लाम, आबिद आदि ने आगन्तुक मेहमानों का स्वागत किया।
