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धानक जाति के एसटी वर्ग में बनाये जा रहे प्रमाण पत्रो को रोकने की मांग को लेकर गुरूवार को आदिवासी मीणा समाज के लोग ने विरोध जाहिर करते हुए जिला कलेक्टर के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लिखा की पिछले काफी समय से धानक जाति के नेताओ के दबाब में जिले के उपखण्ड अधिकारी लगातार इस जाति के लोगो के जनजाति के प्रमाण पत्र बना रहे है जो सरासर मीणा जाति पर कुठाराघात है। झुंझुनूं जिले में बसे धानक जाति के लोग हरियाणा व पंजाब से आये हुए है ये जाति शुरू से ही एससी अनुसूचित जाति में हर तरह का लाभ लेती आ रही है। जिसके सैकडो पुख्ता प्रमाण है ऐसे में इस जाति को जनजाति वर्ग में शामिल होने का हक नही है हालांकि पूर्ववृति सरकार व जिला कलेक्टरस को मीणा समाज के लोगो ने पूरे मामले से अवगत करवाया तो उन्होने यह प्रमाण पत्र बनाने से मना भी कर दिया था । लेकिन कुछ राजनेताओ के दबाव से जिले में उदयपुरवाटी, खेतडी, बुहाना, चिडावा के उपखण्ड अधिकारियो पर दबाव बनाया जा रहा है । ज्ञापन के माध्यम से समाज के लोगो ने यह प्रमाण रोके जाने के लिए उपखण्ड अधिकारियो को आदेश जारी करने की मांग की है। इस दौरान सुरेश मीणा किशोरपूरा, भोपालसिंह, जगदीश प्रसाद,मानसिंह, विरेन्द्र सहित समाज के कई लोग मौजूद रहें।
