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चूरू, आजाद भारत में बैठे और तमाम सुख-सुविधाओं को भोगते और सपने पालते हम लोगों को यह आजादी के अमृत महोत्सव में हम लोगों को यह जानना चाहिए कि यह आजादी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए अनेक युवाओं के उन निजी सपनों की कुर्बानी का परिणाम है, जो उन्होंने आजादी के लिए लड़ते हुए होम दिए। भगवती चरण वोहरा ऐसे ही युवा थे जो महज सत्ताईस साल की अवस्था में इस देश के लिए कुर्बान हो गए। हर भारतीय को सजग होते हुए इस देश की आजादी को बनाए और बचाए रखना जरूरी है। उक्त विचार भारत की स्वतंत्रता के पचहचर साल आयोजन शृंखला में जिला प्रशासन एवं महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति की ओर से शनिवार को राजकीय नर्सिंग काॅलेज सभागार में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी भगवतीचरण वोहरा के स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए शिक्षाविद डाॅ. शमशाद अली ने व्यक्त किए। डाॅ. शमशाद अली ने कहा कि भगवतीचरण वोहरा और उनकी पत्नी दुर्गावती उर्फ दुर्गा भाभी का योगदान अविस्मरणीय है और उनके साहस तथा क्रांतिकारी सोच को हमें समझना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नर्सिंग काॅलेज के मोहम्मद शाहिद ने कहा कि विज्ञान और चिकित्सा जैसी पढाई से जुड़े आज के युवाओं के लिए आजादी का यह स्वर्णिम इतिहास जानना बहुत जरूरी है। इस इतिहास को जानकर ही हम भविष्य के भारत की कल्पना कर सकते हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ सौंप सकते हैं। कार्यक्रम में डाॅ. श्रवण गुर्जर, महेंद्र गोपाल षर्मा सहित नर्सिंग काॅलेज स्टाफ, विद्यार्थी उपस्थित रहे। महात्मा गांधी जीवन दर्षन समिति के चूरू उपखंड संयोजक रियाजत अली खान ने स्वागत किया तथा जिला संयोजक डाॅ. दुलाराम सहारण ने धन्यवाद व्यक्त किया। संचालन अहिंसा प्रकोष्ठ प्रभारी उम्मेद सिंह गोठवाल ने किया।
