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नेता तो हर कोई बन सकता है लेकिन जन नेता बनना किसी-किसी को ही नसीब होता है। गोवा के मुख्यमंत्री स्व. मनोहर पर्रिकर के जाने से जो क्षति पार्टी व देश को हुई है उसे भरा जाना संभव नहीं है। ये विचार आज मंगलवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा जिलाध्यक्ष विष्णु चेतानी ने रखे। उन्होंने स्व. पर्रिकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने उच्च पदों पर रहते हुए भी जिस तरह की सादगी का परिचय दिया वो अपने आप में अनुकरणीय है। वे एक छोटे से प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे लेकिन अपने कृत्तित्व से उनका कद काफी बड़ा हो गया। हमारी ओर से उनको सच्ची श्रद्धांजलि तब ही हम दे पायेंगे जब उनके दिखाये मार्ग पर हम चल सकें। इस दौरान बोलते हुए सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द सरस्वती ने कहा कि मुझे स्व. पर्रिकर के साथ संसद में काम करने का अनुभव रहा है। जिस तरह का समर्पण भाव उनमें कार्य के प्रति रहा उसे मैंने महसूस किया है तथा उनसे काफी कुछ सिखने का प्रयास भी किया है। बीमारी की अवस्था में भी अपने कर्तव्य के प्रति उनका रूझान कम नहीं हुआ और अंतिम सांस तक वो गोवा की जनता की सेवा करते रहे। इस दौरान श्रद्धांजलि सभा को जिला महामंत्री भँवरप्रकाश शर्मा, बलदेवसिंह खण्डेला, सोहन बाड़ोदिया, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अनिता शर्मा, बाबूलाल शर्मा, बलवन्तसिंह चिराना, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रतनलाल सैनी ने भी संबोधित किया। श्रद्धांजलि सभा का संचालन जिला महामंत्री नन्दकिशोर सैनी ने किया।
