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जिले के श्यामपुरा तन चारणवास गांव में स्व. भगवानी देवी के दाह संस्कार में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग को लेकर आज गुरूवार को कलक्ट्रेट पर अखिल रावणा राजपूत महासभा झुंझुनूं के तत्वावधान में धरना- प्रदर्शन किया गया। धरने को संबोधित करते हुए महासभा के प्रदेशाध्यक्ष रणजीतसिंह सोडाला ने कहा कि समय रहते दाह संस्कार में व्यवधान डालने वालों द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दायर झुठे मुकदमें को रद्ध नही किया और पीडि़त परिवार को 7 दिन में न्याय नही मिला तो आंदोलन पुरे प्रदेश में उग्र किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। सोडाला ने कहा कि स्व. भगवानी देवी के पुत्र लक्ष्मणसिंह द्वारा बार बार- प्रार्थना पत्र देने के बाद भी सदर थाने में मुकदमा दर्ज नही किया जा रहा है जो की पुलिस प्रशासन की मिलीभगत दर्शाती है साथ ही पीडि़त परिवार को ही उल्टा परेशान किया जा रहा है जो कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। सोडाला ने कहा की न्याय नही मिला तो जयपुर में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर बंद व चक्का जाम किया जाएगा। धरने को युवा प्रदेशाध्यक्ष पहाड़सिंह कुंडल, बाड़मेर जिलाध्यक्ष ईश्वरसिंह जसोल, योगितासिंह चौहान सांवराद, दीप प्रतापसिंह, जयंत मूंड मुरू सेना, झुंझुनूं जिलाध्यक्ष पूर्णसिंह बड़ागांव, रविंद्रसिंह तोलियासर, गोविंदसिंह गहलोत मंडावा ने भी संबोधित किया। धरने के बाद महासभा के प्रदेशाध्यक्ष रणजीतसिंह सोडाला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमे बताया गया कि 25 मई को श्यामपुरा तन चारणवास गांव में लक्ष्मणसिंह की माता भगवानी देवी का निधन हो गया था जिनका अंतिम संस्कार 27 मई को राजपूत रावणा समाज के पूर्व में हुए दाह संस्कार स्थल पर हिन्दू रीति रिवाज से किया जा रहा था। उसी दौरान गांव के कुछ लोग जलती चिता में पानी व मिट्टी डालकर बुझा दिया गया।
