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रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने आज झुंझुनू में नेशनल टाइम इंक्वायरी सिस्टम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने झुंझुनू से दिल्ली जाने वाली ट्रेन का नाम सैनिक एक्सप्रेस करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि झुंझुनू जिला देशभर में सैनिक जिले के नाम से प्रसिद्ध है। यहां के रणबांकुरों ने देश रक्षा में शहादत भी दी है। इसलिए उनके शौर्य और शहादत को सम्मान देते हुए ट्रैन का नाम बदलकर सैनिक एक्सप्रेस किया गया है। साथ ही सिन्हा ने सीकर-रींगस व अलवर- ढिगावड़ा दोहरीकृत रेलखंड का भी झुंझुनू स्टेशन से ही रिमोट का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस मौके पर सिन्हा ने कहा कि सीकर रींगस आमान परिवर्तन का काम पूर्ण कर लिया गया है। पांच मार्च से झुंझुनू से सीकर व चूरू से सीकर तक जाने वाली ट्रेन रींगस तक जाएगी। इसी तरह अलवर-ढिगावड़ा रेलखंड के दोहरीकरण का काम भी पूरा कर लिया गया है। दोनों ही रेल परियोजनाओं का आज लोकार्पण किया गया। साथ ही झुंझुनू को एनटीईएस सिस्टम से भी जोड़ दिया गया है इससे अब यहां के यात्रियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेलों के समय की जानकारी मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने लक्ष्मणगढ़ में तथा झुंझुनू सांसद संतोष अहलावत ने झुंझुनू के बिसाऊ व चूरू के सरदारशहर में रेल के ठहराव की मांग की। साथ ही सांसद अहलावत ने अपने संबोधन के दौरान झुंझुनू से दिल्ली जाने वाली ट्रेन का नाम सैनिक एक्सप्रेस करने की मांग भी की थी।
