Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
सैकड़ों मौतें, फिर भी कोई सबक नहीं
स्थानीय सूत्रों के अनुसार कोट बांध में अब तक सैकड़ों लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है। बावजूद इसके, इस वर्ष प्रशासन ने अब तक कोई पुलिस सुरक्षा तैनात नहीं की है।
पिछले वर्षों में बरसात के समय पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन इस बार कोई भी तैनाती नहीं हुई।
महंत योगश्री नाथ महाराज की चेतावनी
योगीश्वर महादेव सिद्ध पीठ के महंत डॉ. योगश्री नाथ महाराज ने कहा:
“प्रशासन द्वारा बांध के चारों तरफ तारबंदी और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, फिर भी लोग शराब पीकर पानी में उतर जाते हैं। समय रहते पुलिस बंदोबस्त नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”
उन्होंने बताया कि वे जल्द ही इस मामले को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे।
तारबंदी और चेतावनियां बेअसर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि:
- शराबियों का झुंड खुलेआम बांध में स्नान करता है
- चेतावनी बोर्ड और तारबंदी को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा
- रात को भी लोगों की आवाजाही बनी रहती है
कोट बांध बना खतरे का केंद्र, प्रशासन मौन प्रशासन से मांग
ग्रामीणों और संत समाज ने प्रशासन से तत्काल पुलिस सुरक्षा की मांग की है ताकि:
- कोट बांध में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो
- असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई हो
- डूबने से होने वाली मौतों को रोका जा सके
